युगानुकूल मातृत्व’ पर विश्वमांगल्य सभा की दो दिवसीय प्रबोधन बैठक शुरू, शुक्रवार को डॉ. मोहन भागवत करेंगे संबोधित

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नई दिल्ली, 23 जुलाई।उतर भारत की विभिन्न राज्यों से आई महिलाओं की सहभागिता के साथ विश्वमांगल्य सभा की दो दिवसीय प्रबोधन बैठक गुरुवार को नई दिल्ली स्थित विश्व युवक केंद्र में दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुई। “युगानुकूल मातृत्व” विषय पर आयोजित इस बैठक में पहले दिन करीब 250 महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इनमें जम्मू, श्रीनगर, अनंतनाग, लेह-लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से आई प्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही।

बैठक के उद्घाटन सत्र में विश्वमांगल्य सभा के संस्थापक एवं गुरुजी श्री दत्ता पीठ परंपरा के 18वें पीठाधीश्वर परम पूज्य आचार्य स्वामी श्री जितेन्द्रनाथ जी महाराज उपस्थित रहे। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं संगठन के मार्गदर्शक प्रशांत हलतरकर तथा विश्वमांगल्य सभा की राष्ट्रीय अध्यक्षा नलिनी हावरे,राष्ट्रीय संगठन मंत्री वृषाली जोशी भी मौजूद रहीं।

राष्ट्रीय संगठन मंत्री वृषाली जोशी ने कहा कि “मातृ निर्माण से राष्ट्र निर्माण” के ध्येय के साथ कार्यरत विश्वमांगल्य सभा आज देशभर में मातृशक्ति के संगठन और संस्कार आधारित समाज निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि संगठन की प्रचारिकाओं के साथ-साथ लाखों गृहस्थ महिला कार्यकर्ता परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए संस्कारित पीढ़ी के निर्माण में योगदान दे रही हैं। उन्होंने भारतीय मातृत्व के सांस्कृतिक मूल्यों और भारतीयता से युक्त पारिवारिक वातावरण को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

आचार्य स्वामी श्री जितेन्द्रनाथ जी महाराज ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में मातृत्व की भूमिका और चुनौतियों पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है। वहीं, प्रशांत हलतरकर ने कहा कि किसी भी संगठन की सबसे बड़ी शक्ति उसके समर्पित और स्थिर कार्यकर्ता होते हैं, जो संयुक्त परिवार की भावना के साथ राष्ट्र निर्माण के कार्य को आगे बढ़ाते हैं।

बैठक के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रातः 9 बजे विश्व युवक केंद्र में कार्यकर्ता सत्र आयोजित होगा, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत संगठन की कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे तथा आगामी वर्ष के संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा होगी।

इसके बाद अपराह्न 4 बजे नई दिल्ली स्थित अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में “युगानुकूल मातृत्व (Contemporary Motherhood)” विषय पर डॉ. मोहन भागवत का सार्वजनिक उद्बोधन होगा। इस कार्यक्रम में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से लगभग 800 से 1,000 प्रबुद्ध महिलाओं के शामिल होने की संभावना है।

विश्वमांगल्य सभा का कहना है कि दो दिवसीय यह प्रबोधन बैठक बदलते सामाजिक परिदृश्य में मातृत्व, परिवार, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के विषयों पर विचार-विमर्श तथा संगठन के वार्षिक कार्यों के नियोजन का प्रमुख मंच है।

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