मुद्दे की बात :दस साल की नींद,1,757 रुपए करोड़ का सवाल:लेखक वरिष्ठ संपादक :आलोक गौड़
आम आदमी सरकार को टैक्स देता है, बिजली का बिल भरता है, बैंक की किस्त चुकाता है और एक दिन की देरी हो जाए तो उसे ब्याज और जुर्माना दोनों देना पड़ता है। लेकिन सरकारी कंपनियों का हिसाब कुछ अलग ही दिखाई देता है। वहां करोड़ों-अरबों रुपये की वसूली का मामला वर्षों तक फाइलों में […]
Continue Reading