
जयपुर 21 जुलाई 2026: नारायणा हॉस्पिटल जयपुर में 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जटिल दूरबीन सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। महिला लंबे समय से पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स की गंभीर समस्या से पीड़ित थीं। संकोच और उम्र के कारण इलाज में देरी होने से उनकी बच्चेदानी, ब्लैडर और अन्य पेल्विक अंग अपनी जगह से खिसक गए, जिसका सीधा असर किडनी पर पड़ा। मरीज का सीरम क्रिएटिन 4.5 mg/dL तक पहुंच गया था। उन्हें किडनी डिजीज और यूरोसेप्सिस हो गया था। एक अन्य अस्पताल में डायलिसिस और डबल जे स्टेंट के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। संक्रमण बढ़ने पर उन्हें आईसीयू से स्ट्रेचर पर नारायणा हॉस्पिटल लाया गया। जांच में पता चला कि गंभीर प्रोलैप्स के कारण यूरेटर पर दबाव पड़ रहा था, जिससे ऑब्स्ट्रक्टिव यूरोपैथी हो गई थी। मरीज की उम्र, खराब किडनी फंक्शन, संक्रमण और थायरॉयड के कारण सर्जरी बेहद जोखिम भरी थी। इसके बावजूद नारायणा हॉस्पिटल की कंसल्टेंट यूरोगायनोकोलॉजिस्ट डॉ. इंदिरा सरीन और उनकी टीम ने लैप्रोस्कोपिक सर्जरी कर जाली की मदद से खिसके हुए अंगों को ऊपर टांका। सर्जरी के अगले ही दिन मरीज का क्रिएटिन 2 mg/dL पर आ गया। डीजे स्टेंट निकाला गया और यूरोसेप्सिस नियंत्रित हुआ। अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं और सामान्य जीवन जी रही हैं। डॉ. इंदिरा सरीन ने कहा, महिलाएं अक्सर प्रोलैप्स को उम्र का हिस्सा मानकर नजरअंदाज करती हैं, लेकिन देरी से किडनी तक नुकसान हो सकता है। समय पर जांच और उपचार से ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है।डायरेक्टर बलविंदर सिंह वालिया और क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. प्रदीप कुमार गोयल ने कहा कि सही समय पर पहचान और विशेषज्ञों के समन्वय से जटिल मामलों में भी बेहतर परिणाम संभव हैं। नारायणा हॉस्पिटल जयपुर आधुनिक तकनीक और अनुभवी टीम के साथ ऐसे चुनौतीपूर्ण केस सफलतापूर्वक कर रहा है।

