
नई दिल्ली,- दिल्ली अकाली प्रमुख परमजीत सिंह सरना ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैंनेजमेंट कमेटी अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका पर दिल्ली विश्व विद्यालय छात्र संघ चुनाव मेँ राजनीति करने और जबरन नॉमिनेशन केंसल करवाने के साथ सारी मर्यादा तक पर रखने का आरोप लगाया वहीं, सिख धार्मिक संस्थाओं के राजनीतिक दुरुपयोग संगत को गुमराह करने का आरोप लगाया।
सरना ने कहा कि कालका प्रशासन ने एसओआई (सोइ) उम्मीदवार आशमीत सिंह को चुनाव के दौरान पतित घोषित करने की कोशिश की, जिसे श्री अकाल तख्त साहिब के 16 सितंबर के पत्र ने खारिज कर दिया है। पत्र में आशमीत सिंह को साबत सूरत प्रमाणित किया गया है।
सरना ने कहा, दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैंनेजमेंट कमेटी एक प्रबंधक कमेटी है, समानांतर अकाल तख्त नहीं। सिख कौन है, इसका फैसला करने का अधिकार कालका को किसने दिया?”
दूसरे मुद्दे पर सरना ने वित्त की पारदर्शिता पर कालका को चुनौती दी। उन्होंने मांग की:
दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैंनेजमेंट कमेटी द्वारा कराई गई डेलोट्टे ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।,2002 से अब तक के पूरे हिसाब की – सरना, मनजिंदर सिंह सिरसा और कालका कार्यकाल सहित – किसी बड़ी स्वतंत्र फर्म से दोबारा ऑडिट कराई जाए,और बाला साहिब अस्पताल बेचने के आरोपों के दस्तावेज और इस साल संस्थाओ को विदेश से मिलने वाले फंड (एफसीआरए) रजिस्ट्रेशन रद्द होने का कारण संगत के सामने रखा जाए।, उन्होंने जोर देकर कहा क़ी अगर आप सच्चे हो तो अबतक के लिए गए कार्यों क़ी सूची सार्वजनिक करें।

