स्वामी विवेकानन्द का शिक्षा दर्शन:चरित्र निर्माण से राष्ट्रीय पुर्ननिर्माण तक :आशीष सूद

एसपीएमसी (एनसीवेब, डीयू) ने राष्ट्रीय कला मंच के सहयोग से राष्ट्रीय युवा दिवस यानी स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती मनाई। कार्यक्रम का विषय था – स्वामी विवेकानन्द का शिक्षा दर्शन:चरित्र निर्माण से राष्ट्रीय पुर्ननिर्माण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री आशीष सूद (माननीय मंत्री, दिल्ली सरकार) थे। कार्यक्रम में मौजूद अन्य गणमान्य व्यक्ति थे – प्रो. सुदेशना मजूमदार (चेयरपर्सन, गवर्निंग बॉडी, SPMC), प्रो. नीलम गोयल (प्रिंसिपल, SPMC) और डॉ. ममता त्रिपाठी (असिस्टेंट प्रोफेसर, गार्गी कॉलेज) । यह प्रोग्राम प्रो. नीलम गोयल (प्रिंसिपल, SPMC), डॉ. अनुराग सिंह और डॉ. अमूल्य साहू के निर्देशन में आयोजित और संचालित किया गया। साथ ही, राष्ट्रीय कला मंच की टीम ने भी इस इवेंट और उससे जुड़ी तैयारियों को ऑर्गनाइज़ करने में मदद की।

श्री आशीष सूद जी ने इस खास मौके पर हमारे युवाओं का हौसला उन्होंने कहा कि विवेकानंद के लिए शिक्षा सिर्फ़ किताबों तक सीमित नहीं थी, बल्कि नैतिकता और आध्यात्मिकता से जुड़ी थी। यह शिक्षा चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण दोनों के लिए बहुत ज़रूरी स्वामी विवेकानंद का व्यक्तित्व और उनके काम लगातार विकसित भारत के संकल्प में नई ऊर्जा भरते हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज की पीढ़ी Gen Z नहीं, बल्कि Gen V है।

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