
कुलवंत कौर रिपोर्र :-
अकाल पुरख का कोटि-कोटि धन्यवाद, सिख कौम को बड़े कार्य के लिए एकजुटता प्रदान हुई: कालका, काहलों
नई दिल्ली, 9 जून: समूची सिख संगत के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटनाक्रम में इस बार देश और विदेश की संगतें एक ही तिथि पर शहीदों के सरताज श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी पर्व मनाएंगी। इसी उद्देश्य से आज 100 श्रद्धालुओं का जत्था दिल्ली से पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ।
इस संबंध में जानकारी देते हुए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरमीत सिंह कालका तथा महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि जत्थे का नेतृत्व दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्य सलाहकार एवं विदेशी मामलों संबंधी समिति के अध्यक्ष सरदार परमजीत सिंह चंडोक करेंगे।
सरदार कालका और सरदार काहलों ने कहा कि पिछले लंबे समय से सिख कौम के सामने यह एक बड़ी दुविधा बनी हुई थी कि संगतें हर बार संगरांद और गुरुपर्व अलग-अलग तिथियों पर मनाती थीं। विदेशों में रहने वाली संगत एक तिथि पर, पंजाब की संगत दूसरी तिथि पर और दिल्ली की संगत तीसरी तिथि पर संगरांद तथा गुरुपर्व मनाती थी, क्योंकि उस समय से कुछ ऐसे लोग सक्रिय थे जो सिख कौम में भ्रम और दुविधा उत्पन्न कर रहे थे।
जत्थे की रवानगी के अवसर पर सरदार परमजीत सिंह चंडोक ने कहा कि वे श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज, दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार हरमीत सिंह कालका, महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों तथा समूची कौम के नेतृत्व के आभारी हैं, जिनके संयुक्त प्रयासों से 13 वर्षों बाद यह दुविधा समाप्त हुई है। अब इस बार पूरी संगत 18 जून को एक ही तिथि पर श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस मनाएगी।
उन्होंने कहा कि वे अकाल पुरख का कोटि-कोटि धन्यवाद करते हैं कि इस महत्वपूर्ण अवसर को मनाने के लिए पूरी कौम को एकजुटता का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।
उन्होंने बताया कि आज दिल्ली से रवाना हुआ जत्था रात्रि विश्राम श्री अमृतसर साहिब में करेगा तथा 10 जून की सुबह वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। 18 जून को गुरुपर्व मनाने के उपरांत जत्था 19 जून को वापस लौटेगा।
इस अवसर पर कमेटी के मीडिया सलाहकार सुदीप सिंह भी उपस्थित थे।

