बंसी लाल के साथ कुलवंत कौर की रिपोर्ट :-

नई दिल्ली:- 19 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के Le Méridien में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह सम्मेलन भारत के फूड और सर्टिफिकेशन सेक्टर के लिए एक अहम कदम साबित हुआ। Sattvik Certifications द्वारा आयोजित इस एक दिवसीय सम्मेलन में FMCG कंपनियों, लग्ज़री होटल ब्रांड्स, शैक्षणिक संस्थानों, सर्टिफिकेशन संस्थाओं और सरकारी नीति से जुड़े क्षेत्रों से 250 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

सम्मेलन में सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया, यूएई, कतर और साउथ कोरिया सहित सात देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जो यह दिखाता है कि शुद्ध शाकाहारी और वीगन फूड सिस्टम को लेकर वैश्विक स्तर पर रुचि बढ़ रही है। सम्मेलन की चर्चाएं तीन मुख्य विषयों पर केंद्रित रहीं— Consciousness, Connect और Collaboration। इन सत्रों में शाकाहारी सर्टिफिकेशन को मजबूत करने, उपभोक्ताओं के भरोसे को बढ़ाने और नैतिक फूड प्रैक्टिस पर विशेष ध्यान दिया गया।
सम्मेलन में Sattvik मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, लग्ज़री हॉस्पिटैलिटी में शाकाहारी विकल्पों के विस्तार, जागरूक कुकिंग, नैतिक नेतृत्व और वैश्विक स्तर पर एक जैसे फूड मानकों की जरूरत जैसे विषयों पर गहन पैनल चर्चाएं हुईं। इंटरैक्टिव नेटवर्किंग सत्रों के दौरान उद्योग जगत के लीडर्स और नीति निर्माताओं ने अनुभव साझा किए और फूड सेफ्टी, नियमों के पालन और पारदर्शिता को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदमों पर चर्चा की।
इस मौके पर श्री संतोष गंगवार, झारखंड के राज्यपाल एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री, श्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), श्री बी. एल. वर्मा, सांसद एवं पूर्व मंत्री; सुश्री बांसुरी स्वराज, सांसद, नई दिल्ली, और श्री वागीश पाठक, विधान परिषद सदस्य एवं चेयरमैन, Sattvik Certifications उपस्थित रहे।
उनकी उपस्थिति ने यह साफ किया कि उद्योग, सर्टिफिकेशन संस्थाओं और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग कितना जरूरी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री संतोष गंगवार ने कहा कि ऐसे सम्मेलन उद्योग, सरकार और उपभोक्ताओं के बीच की दूरी को कम करते हैं और एक पारदर्शी फूड सिस्टम बनाने में मदद करते हैं। वहीं श्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि सर्टिफिकेशन संस्थाओं और नीति निर्माताओं के बीच संवाद से नियमों का बेहतर पालन संभव होता है। श्री बी. एल. वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं का भरोसा किसी भी मजबूत फूड इकॉनमी की नींव होता है और SATCON 2026 जैसे आयोजन इसे और मजबूत करते हैं।
नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि
“SATCON 2026 फूड सिस्टम में शुद्धता, पारदर्शिता और जवाबदेही की बढ़ती सोच को दर्शाता है। जब उद्योग और सरकार ऐसे मंचों पर साथ आते हैं, तो उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होता है और जिम्मेदार फूड प्रैक्टिस के लिए सही मानक तय होते हैं।”
Sattvik Certifications के चेयरमैन वागीश पाठक ने कहा कि “SATCON 2026 सुरक्षित और जागरूक फूड विकल्पों की ओर बढ़ने की सामूहिक सोच को दिखाता है। आज शाकाहारी सर्टिफिकेशन केवल एक सीमित विषय नहीं रहा, बल्कि यह अब वैश्विक जरूरत बनता जा रहा है।”
Sattvik Certifications के फाउंडर अभिषेक बिस्वास ने कहा कि “SATCON 2026 में मिली ऊर्जा बेहद उत्साहजनक रही। इस सम्मेलन ने सोच और एक्शन को एक मंच पर लाया, जिससे शुद्धता, सुरक्षा और भरोसे पर आधारित वास्तविक समाधान सामने आए।
SATCON 2026 को कई प्रमुख उद्योग लीडर्स और ब्रांड्स का समर्थन भी मिला, जिनमें श्री सुदीप गोयनका (Goldiee Masale), श्री नमन कुमार जैन (K.B. Products – Nakoda Brand), श्री चिराग नेमानी (Vimal Agro Products – SWAD), श्री नवरतन अग्रवाल (Bikanervala Foods), कृष्ण जिंदल (Tirupati Food), नरेश कुमार कौशिक (Tanshu Australia), Sapphire Blue से अयान और Blue Tribe Foods शामिल रहे। इनकी भागीदारी ने उद्योग से जुड़ी चर्चाओं को और प्रभावी बनाया।
ये दुनिया का पहला ऐसा सम्मेलन था जो पूरी तरह शाकाहारी सर्टिफिकेशन को समर्पित था, SATCON 2026 ने यह साफ कर दिया कि प्रमाणित, नैतिक और टिकाऊ शाकाहारी व वीगन विकल्पों की मांग लगातार बढ़ रही है। इस सम्मेलन ने विचारों को ज़मीनी एक्शन में बदलने की मजबूत नींव रखी, जिससे उपभोक्ताओं, कारोबार और पूरे फूड इंडस्ट्री को लाभ मिलेगा।
SATCON 2026 की सफलता के बाद, Sattvik Certifications आगे भी इस पहल को जारी रखते हुए नए सहयोग, कार्यक्रम और पहलों पर काम करेगा, ताकि
SattvikHaiToShuddhHai के सिद्धांत के साथ शुद्धता और भरोसे को और मजबूत किया जा सके।

