NCPTSD 2026 का समापन: विज्ञान आधारित नवाचार और सतत विकास पर जोर

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नई दिल्ली, : भौतिकी में नवाचार और उद्यमिता की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित करते हुए हंसराज कॉलेज की प्राचार्य प्रो. रमा ने कहा कि “Physics से maximum startups निकल सकते हैं।” उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि National Conference on Physics, Technology and Sustainable Development 2026 (NCPTSD 2026) युवा शोधकर्ताओं के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा तथा भौतिकी और प्रौद्योगिकी को सामाजिक एवं राष्ट्रीय विकास से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

हंसराज कॉलेज, श्री अरबिंदो कॉलेज और कालिंदी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का 5 अक्टूबर को समापन हुआ। 3 से 5 अक्टूबर तक हाइब्रिड मोड में आयोजित सम्मेलन में देशभर से 350 से अधिक शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, प्राध्यापकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। IITs, NITs, DTU, NSUT और दिल्ली विश्वविद्यालय सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सम्मेलन में सहभागिता की।

उद्घाटन सत्र की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। सम्मेलन के सह-अध्यक्ष डॉ. योगेश कुमार ने सम्मेलन का परिचय प्रस्तुत करते हुए इसके उद्देश्यों और अंतर्विषयक वैज्ञानिक संवाद की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर कालिंदी कॉलेज की प्राचार्य प्रो. मीना चरंदा सहित अनेक शिक्षाविद, गणमान्य अतिथि एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

3 अक्टूबर को आयोजित उद्घाटन सत्र के दौरान सम्मेलन में प्रस्तुत शोध कार्यों का संकलन ‘Book of Abstracts’ भी गणमान्य अतिथियों एवं मंचासीन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में जारी किया गया।

मुख्य अतिथि प्रो. आशुतोष भारद्वाज ने समकालीन सामाजिक चुनौतियों के समाधान में वैज्ञानिक ज्ञान, नवाचार और तकनीकी प्रगति की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने अनुसंधान को सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप आगे बढ़ाने तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने की आवश्यकता पर बल दिया।

सम्मानित अतिथि प्रो. अजय के. घटक ने युवा शोधकर्ताओं को जिज्ञासा, वैज्ञानिक अनुशासन और उत्कृष्ट अनुसंधान की संस्कृति विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

श्री अरबिंदो कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अरुण चौधरी ने भौतिकी को जीवन और समाज से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “Physics ko apne jeevan me utarna aur physics ko jeena hi conference ko sarthak banata hai.” उन्होंने कहा कि अनुसंधान का उद्देश्य वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान और सामाजिक रूप से उपयोगी नवाचार को बढ़ावा देना होना चाहिए।

सम्मेलन में लगभग 250 मौखिक एवं पोस्टर प्रस्तुतियां हुईं। इनमें न्यूक्लियर एवं हाई-एनर्जी फिजिक्स, क्वांटम साइंस, एस्ट्रोफिजिक्स, फोटोनिक्स, नैनो टेक्नोलॉजी, उन्नत पदार्थ विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोमेडिकल अनुप्रयोग, नवीकरणीय ऊर्जा, सतत तकनीक, भौतिकी शिक्षा और फिजिक्स-इंडस्ट्री इंटरफेस जैसे विषय प्रमुख रहे।

सम्मेलन का संयोजन श्री अरबिंदो कॉलेज की डॉ. पूनम जैन और कालिंदी कॉलेज की डॉ. सविता शर्मा ने किया। हंसराज कॉलेज के प्रो. सुशील कुमार भी सम्मेलन के संयोजक रहे। समापन सत्र में प्रो. सुशील कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी गणमान्य अतिथियों, प्रतिनिधियों, प्रतिभागियों, प्रायोजकों और आयोजन टीमों के प्रति आभार व्यक्त किया।

NCPTSD 2026 का समापन वैज्ञानिक सहयोग, अनुसंधान की उत्कृष्टता, नवाचार और सतत तकनीकी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।

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