विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद ट्रस्ट: राष्ट्रीय पुनर्जागरण और सामाजिक समरसता के लिए ‘पवित्र यज्ञ‘ का आह्वान (नई दिल्ली) – भूतपूर्व राज्यपाल, राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश, श्री कलराज मिश्र द्वारा स्थापित विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद ट्रस्ट ने औपचारिक रूप से अपने आध्यात्मिक, सामाजिक और राष्ट्रीय पुनर्जागरण के ‘पवित्र यज्ञ‘ का शुभारंभ किया है। श्री मिश्र ने अपने संदेश में स्पष्ट किया है कि यह ट्रस्ट केवल एक पारंपरिक संगठन नहीं है, बल्कि यह सेवा, समर्पण और सद्भाव की भावना से समाज के भीतर सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाने के लिए समर्पित है। परिषद का प्रमुख संकल्प है कि ब्राह्मण समुदाय अपनी ज्ञान, परंपरा, सेवा भावना से समाज के सभी वर्गों के बीच समरसता, ज्ञान और सद्भाव स्थापित करने में पथ प्रदर्शक की भूमिका निभाए, ताकि भारत को उसके प्राचीन गौरव के अनुरूप ‘विश्व-आदर्श’ के रूप में पुनर्स्थापित किया जा सके। कलराज जी ने ब्राह्मण समाज से जातीय संकीर्णता से ऊपर उठकर, राष्ट्रहित, संस्कृति संरक्षण और मानवता की सेवा को अपना सर्वोच्च धर्म मानने का आह्वान किया है। यह अभियान ज्ञान परंपरा, सेवा संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना के पुनर्जागरण का एक ऐतिहासिक कदम है, जिसमें सभी के सहयोग की अपेक्षा की गई है। संस्थापक अध्यक्ष, माननीय श्री कलराज मिश्र जी ने स्पष्ट रूप से इन उद्देश्यों और कार्ययोजनाओं की जानकारी दी, जिन पर संगठन प्रमुखता से काम करेगा: विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष श्री कलराज मिश्र ने संगठन के कार्यों को गति देने और दिशा-निर्देशन सुनिश्चित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ की हैं (जिनकी सूची अलग से प्रदान की जाएगी)। नव-नियुक्त पदाधिकारियों को देश के प्रत्येक जिले में मार्च २०२६ से पहले १००० सदस्यों को जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य दिया गया है, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत और समर्पित नेटवर्क स्थापित हो सके। इस शुभ अवसर पर, पूज्यपाद स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज, जो कि एक प्रतिष्ठित संत और आध्यात्मिक गुरु हैं, ने नव-नियुक्त पदाधिकारियों को संगठन एवं समाज हित में निःस्वार्थ कार्य करने की शपथ दिलवाई और उन्हें समाज के कल्याण के लिए बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।
Continue Reading