गुरु तेग बहादुर शहीदी जी की 350वीं जयंती पर बंदी सिखों की पेरोल हो:सरना।

सरना द्वारा केंद्र और राज्य सरकारों से श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के अवसर पर बंदी सिखों को पैरोल देने की अपील।

नई दिल्ली, 7 नवंबर – शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष श्री परमजीत सिंह सरना ने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की है कि वे बंदी सिखों को एक महीने के लिए पैरोल पर रिहा करें, ताकि वे श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत की 350वीं वर्षगांठ मना रही समूची कौम के साथ जुड़कर अपनी श्रद्धा और सम्मान अर्पित कर सकें।

दिल्ली से जारी एक बयान में सरना ने कहा कि यह अवसर विश्व इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण पलों में से एक है, और उन बंदी सिखों की भागीदारी, जो लंबे समय से न्याय और दया की प्रतीक्षा कर रहे हैं, उनके लिए गहरी भावनात्मक और आध्यात्मिक महत्ता रखती है।

उन्होंने कहा, “गुरु तेग बहादुर साहिब जी का सर्वोच्च बलिदान ज़मीर और आस्था की आज़ादी के लिए था। बंदी सिखों को समारोहों में भाग लेने की अनुमति देना न केवल उस विरासत का सम्मान करेगा, बल्कि गुरु साहिब की शिक्षाओं के अनुरूप दया और मानवता का प्रतीक भी बनेगा।”

सर्ना ने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और राज्य सरकारों, विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से अपील की कि वे जेल अधिकारियों और शिरोमणि कमेटी के साथ समन्वय करके एक महीने की पैरोल की व्यवस्था करें।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसा कदम सिख समुदाय के हृदय में मेल-मिलाप और न्याय की भावना को सशक्त करेगा। “यह वर्षगांठ केवल स्मरण का अवसर नहीं है, बल्कि नई शुरुआत का भी प्रतीक है। यह राज्य के लिए दया और सम्मान के उन मूल्यों में विश्वास प्रदर्शित करने का मौका है, जिन्हें गुरु साहिब ने चांदनी चौक में अपनी शहादत के माध्यम से कायम रखा था।”

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