माननीय उपराज्यपाल ने फील्ड स्टाफ, श्रमिकों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा हेतु एनडीएमसी की हिट वेव प्रबंधन योजना की समीक्षा की ।

• दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल ने पालिका केंद्र में एनडीएमसी के एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र का दौरा किया ,

नई दिल्ली,:दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल, श्री तरनजीत सिंह संधू ने आज नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के पालिका केंद्र स्थित एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र (ICCC) का दौरा किया, जहां उन्होंने स्मार्ट गवर्नेंस सुविधा के कार्यों की समीक्षा की तथा राष्ट्रीय राजधानी में चल रही लू की स्थिति से निपटने के लिए एनडीएमसी की तैयारियों का आकलन किया।

माननीय उपराज्यपाल के साथ नई दिल्ली की सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज, एनडीएमसी के अध्यक्ष – श्री केशव चंद्रा, उपाध्यक्ष – श्री कुलजीत सिंह चहल, परिषद सदस्य – श्री दिनेश प्रताप सिंह एवं श्री अनिल वाल्मीकि तथा एनडीएमसी के सचिव – श्री राहुल सिंह भी उपस्थित थे।एनडीएमसी अध्यक्ष ने गणमान्य व्यक्तियों को कंट्रोल एवं कमांड सेंटर की नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवाओं और एनडीएमसी की चल रही ग्रीष्मकालीन तैयारियों की जानकारी दी।

एनडीएमसी द्वारा विकसित उन्नत शहरी प्रबंधन अवसंरचना की सराहना करते हुए माननीय उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली केवल देश की राजधानी ही नहीं है, बल्कि विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि एनडीएमसी, एक प्रमुख नागरिक संस्था के रूप में, देश के अन्य शहरों के लिए शहरी शासन के उत्कृष्ट मानक स्थापित करने की अपेक्षा रखती है। उन्होंने एनडीएमसी को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया ताकि दिल्ली नवाचार, सतत् विकास और नागरिक-केंद्रित विकास में अग्रणी बनी रहे।

हिट वेव प्रबंधन उपायों की समीक्षा करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि वर्तमान गर्मी के मौसम में परिस्थितियां एक बड़ी चुनौती हैं और तैयारियों की एक महत्वपूर्ण परीक्षा भी हैं। उन्होंने सभी एजेंसियों से ऐसे सर्वोत्तम उपाय लागू करने का आग्रह किया जो देश के अन्य शहरों के लिए मॉडल बन सकें। उन्होंने आगामी मानसून के लिए अग्रिम तैयारियां शुरू करने, विशेष रूप से जलभराव और उससे संबंधित शहरी समस्याओं के समाधान पर भी बल दिया।

इस अवसर पर सुश्री बांसुरी स्वराज ने कहा कि हिट वेव की तैयारियों की समीक्षा के लिए उपराज्यपाल का पालिका केंद्र का व्यक्तिगत दौरा दिल्ली के नागरिकों के कल्याण के प्रति उनकी गहरी चिंता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एनडीएमसी माननीय उपराज्यपाल की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा और प्रतिबद्धता व दक्षता के साथ कार्य करता रहेगा।

एनडीएमसी के अध्यक्ष – श्री केशव चंद्र ने बताया कि इस कमांड सेंटर का उद्घाटन सितंबर 2020 में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत किया गया था और तब से यह 49 से अधिक नागरिक सेवाओं को एकीकृत करने वाला एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक मंच बन चुका है, जिसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्ट्रीट लाइटिंग, पार्किंग प्रणाली, सीवेज उपचार संयंत्र, स्वच्छता संचालन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र शामिल हैं।

अपने स्वागत भाषण में एनडीएमसी के उपाध्यक्ष – श्री कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि कंट्रोल एवं कमांड सेंटर नई दिल्ली का डिजिटल मस्तिष्क है, जहां सीसीटीवी निगरानी, वायु गुणवत्ता सेंसर, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता प्रणालियां और यातायात नेटवर्क से प्राप्त रियल-टाइम डेटा एक ही प्लेटफॉर्म पर एकत्रित होता है। उन्होंने बताया कि “सिंगल पेन ऑफ ग्लास” दृष्टिकोण के माध्यम से यह केंद्र त्वरित, सूचित और डेटा-आधारित निर्णय लेने में सक्षम बनाता है, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा में सुधार, नागरिक सेवाओं का अनुकूलन और आपात स्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित होती है। जीआईएस मैपिंग, स्काडा एकीकरण और जीपीएस-आधारित कचरा प्रबंधन प्रणाली जैसी उन्नत तकनीकों के माध्यम से एनडीएमसी ने शहरी शासन को सटीकता और दक्षता के नए मानकों तक पहुंचाया है।

माननीय उपराज्यपाल ने एनडीएमसी की व्यापक हिट वेव कार्य योजना की भी समीक्षा की, जो महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और श्रमिकों सहित कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए तैयार की गई है।

दौरे के दौरान कंट्रोल एवं कमांड सेंटर के कार्यों और क्षमताओं तथा हिट वेव शमन योजना पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। एनडीएमसी के सचिव – श्री राहुल सिंह ने बताया कि यह कमांड सेंटर एनडीएमसी क्षेत्र के स्कूलों, सेवा केंद्रों, अस्पतालों, डिस्पेंसरियों, क्रेच और पार्कों में जल उपलब्धता की सक्रिय निगरानी कर रहा है। किसी भी लू से संबंधित आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए यहां एक समर्पित चिकित्सक उपलब्ध रहेगा।

एनडीएमसी ने पहले ही एक विशेष परिपत्र जारी कर बागवानी, सिविल इंजीनियरिंग, स्वच्छता और स्वास्थ्य विभागों को निर्देश दिया है कि वे फील्ड स्टाफ के लिए ओआरएस पैकेट, सुरक्षित पेयजल, सुरक्षात्मक उपकरण तथा कार्य समय में बदलाव सुनिश्चित करें, ताकि अत्यधिक गर्मी के दौरान जोखिम को कम किया जा सके। जन-जागरूकता अभियान भी आईईसी गतिविधियों और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक रूप से चलाए जा रहे हैं।

केवल एक तकनीकी उपलब्धि से बढ़कर, एनडीएमसी का एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र परिषद की उस दृष्टि का प्रतीक है, जिसमें एक सशक्त, बुद्धिमान और नागरिक-प्रथम नई दिल्ली का निर्माण शामिल है — एक ऐसा शहर जो अपने नागरिकों की जरूरतों को वास्तविक समय में समझता, प्रतिक्रिया देता और निरंतर विकसित होता है।

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