सुप्रीम कोर्ट द्वारा ईसाई धर्म अपनाने पर एससी लाभ मिलने पर लगाई गई रोक स्वागतयोग्य: दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी।

अदालती आदेशों के बाद धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर रोक लगने की उम्मीद: कालका, काहलों

नई दिल्ली, 25 मार्च: दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा ईसाई धर्म अपनाने पर अनुसूचित जाति (एससी) की सुविधाएं मिलने पर लगाई गई रोक के फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इससे धर्म परिवर्तन, खासकर पंजाब में, रुकने में मदद मिलेगी।

आज यहां मीडिया से बातचीत करते हुए कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला बहुत स्वागतयोग्य है कि अनुसूचित जातियों (एससी) की सुविधाएं केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के लोगों को मिलेंगी और यदि कोई ईसाई बनता है तो वह एससी वर्ग को मिलने वाली सुविधाएं नहीं ले सकेगा।

उन्होंने कहा कि पंजाब में लालच देकर लोगों का धर्म परिवर्तन कर उन्हें ईसाई बनाया जा रहा था और इस मुद्दे को दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने कई बार जोर-शोर से उठाया है। उन्होंने बताया कि करीब 2000 लोगों की सिख धर्म में वापसी भी करवाई गई है।

उन्होंने कहा कि अब जब सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला आया है, तो पूरी उम्मीद है कि इससे धर्म परिवर्तन की मुहिम, खासकर पंजाब में, धीमी पड़ेगी और लोग समझेंगे कि यदि लालच में आकर ईसाई धर्म अपनाया तो वे एससी वर्ग की सुविधाओं से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि एससी वर्ग के बच्चों को नौकरियों में आरक्षण, शिक्षा में आरक्षण और अन्य सुविधाएं मिलती हैं, जो ईसाई बनने पर नहीं मिलेंगी।

उन्होंने केंद्र सरकार और राज्यों की सरकारों से अपील की कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को सख्ती से लागू किया जाए ताकि धर्म परिवर्तन की मुहिम पर रोक लगाई जा सके।

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