
कम उम्र से ही कृषि के प्रति जागरूकता विकसित करने के लिए, यह नई डिजिटल लर्निंग पहल AI और अनुभवात्मक शिक्षा को एक साथ जोड़ती है, जिससे बच्चों को अपने आसपास के पौधों, उनके द्वारा खाए जाने वाले भोजन और कृषि की दुनिया को समझने में मदद मिलती है।
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2026: भारत में तकनीक आधारित कृषि और AI-सक्षम शिक्षा में लगातार निवेश के बीच, IT रोपड़ के ANNAM.AI ने AVNI नामक एक नई डिजिटल लर्निंग पहल शुरू की है। यह पहल AI और अनुभवात्मक शिक्षा को एक साथ जोड़कर बच्चों में कम उम्र से ही कृषि के प्रति जागरूकता विकसित करने के लिए तैयार की गई है। बच्चों को कम उम्र से ही फसलों, पौधों और भोजन से परिचित कराने से उन्हें यह समझने में मदद मिल सकती है कि उनका भोजन कहां से आता है. यह कैसे उगता है और हमारे जीवन में कृषि की क्या महत्वपूर्ण भूमिका है।

AVNI – प्रकृति के साथ बढ़ें (Grow with Nature), ANNAM.AI के Co-project Director डॉ. मुकेश सैनी द्वारा डिजाइन और विकसित की गई एक डिजिटल लर्निंग पहल है। यह एक वेब और मोबाइल ऐप है, जो बच्चों को उनके आसपास के वातावरण में AI-संचालित खोज के माध्यम से कृषि और प्रकृति से परिचित कराता है। लॉन्च के अवसर पर डॉ. सैनी ने कहा, “हम कृषि संबंधी ज्ञान को बच्चों के लिए सुलभ और रोचक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। AVNI को एक मुफ्त, विज्ञापन-मुक्त और प्राइवेसी केंद्रित लर्निंग प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, ताकि अनुभव सरल, सुरक्षित और सीखने एवं खोज पर केंद्रित रहे। and
AVNI AI-powered identification और hands-on learning को एक साथ लाता है। इसके माध्यम से बच्चे अपने आसपास मौजूद फसलों, फलों, सब्जियों, मसालों, अनाज और मिलेट्स के बारे में जान सकते हैं। ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में कंटेंट उपलब्ध कराता है और छोटे बच्चों के लिए ऑडियो की सुविधा भी देता है। इसमें दैनिक चुनौतियां, Nature Points, एक डिजिटल Nature Book, Nature Gallery और Crop Compare जैसी इंटरैक्टिव सुविधाएं भी शामिल हैं, जो सीखने की प्रक्रिया को सरल और रोचक बनाती हैं।
डॉ. पुष्पेंद्र पी. सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, ANNAM.AI, IIT रोपड़, ने कहा, “भविष्य के लिए तैयार भारत का निर्माण इस बात से शुरू होता है कि हम आज अपने बच्चों को कैसे शिक्षित और प्रेरित करते हैं। AVNI उस जगह पर AI और अनुभवात्मक शिक्षा को जोड़ता है, जो एक सरल विचार पर आधारित हैः कृषि की
शिक्षा जरूरी नहीं कि कक्षा में या केवल तब शुरू हो, जब कोई बच्चा कृषि को एक विषय के रूप में चुने। स्कूल के बगीचे में उगती फसल, घर में रखा कोई फल या आसपास उग रहा कोई पौधा सीखने का अवसर बन सकता है। इस पहल के माध्यम से हम बच्चों की रोजमर्रा की जिज्ञासा को कृषि से उनके शुरुआती जुड़ाव में बदलना चाहते हैं, ताकि वे अपने आसपास दिखाई देने वाले पौधों, अपने द्वारा खाए जाने वाले भोजन और देश को सहयोग देने वाले कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को समझ सकें।”
annam.ai

जैसे-जैसे बच्चे डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिक उपयोग कर रहे हैं. जिम्मेदार तकनीक को भी उनके अनुभव का हिस्सा बनाना आवश्यक है। इसका बाल-केंद्रित डिजाइन उम्र के अनुरूप सीखने, प्राइवेसी और सुरक्षित वातावरण में खोज को प्राथमिकता देता है।
इन तकनीकों का विकास ANNAM.AI के भारतीय कृषि के लिए AI-संचालित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) विकसित करने के व्यापक विजन को दर्शाता है-ऐसे खुले, सुलभ और स्केलेबल समाधान, जिन्हें कृषि के विभिन्न संदर्भों में अपनाया जा सके।

