
नई दिल्ली। रानी झांसी रोड स्थित अंबेडकर भवन में दिल्ली की विभिन्न बैरवा समाज संस्थाओं की ओर से ‘सामाजिक मंथन 2026’ का आयोजन किया गया। इसमें समाज की एकजुटता, सामाजिक विकास और दिल्ली में बैरवा समाज को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल कराने की मांग को लेकर मंथन हुआ।

कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक मोहनचंद कुंडारा, भगवानदास मिमरोट, श्यामलाल गोठवाल और सतीश भीमवाल रहे। अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी एवं समाज के सहयोगी रामनारायण खन्ना ने की, जबकि मंच संचालन इंद जोनवाल ने किया। कार्यक्रम में दिल्ली की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों, वरिष्ठ समाजसेवियों और बड़ी संख्या में बैरवा समाज के लोगों ने भाग लिया। मंच से सूरज प्रकाश गोठवाल, रामकिशन बंसीवाल, रतनलाल बैरवा, मुंशीलाल कुंडारा, योग गुरु आचार्य मदन सिंह, जयसिंह भारती, एमएल नागरवाल, भूपनारायण जारवाल, रोशन लकवाल, डॉ. शिवलाल कुंद्रा और सुभाष बैरवा सहित वक्ताओं ने विचार रखे। वक्ताओं ने दिल्ली में बैरवा समाज को अनुसूचित जाति में शामिल कराने की मांग को लेकर निर्णायक एवं संगठित प्रयास करने पर जोर दिया। साथ ही समाज के पूर्वजों के संघर्ष और त्याग को याद करते हुए उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया।
बैठक में दिल्ली में बैरवा चौपाल अथवा धर्मशाला के निर्माण पर भी चर्चा हुई। वहीं आगामी बैरवा दिवस पर दिल्ली में भव्य एवं विशाल आयोजन करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि समाज की एकता और मांगों की आवाज देशभर तक पहुंचे।
अनुसूचित जाति में शामिल कराने की मांग को लेकर एक विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। समिति राजस्थान और मध्य प्रदेश का दौरा कर वहां के बैरवा समाज के नेताओं एवं प्रतिनिधियों से संपर्क करेगी और दिल्ली सरकार तथा केंद्र सरकार के समक्ष मांग को प्रभावी ढंग से रखने की रणनीति तैयार करेगी।
कार्यक्रम में विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा के बाद समाज की एकता और सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। अध्यक्ष रामनारायण खन्ना ने कार्यक्रम में शामिल सभी बैरवा बंधुओं का आभार व्यक्त किया। उपस्थित समाजजनों ने आयोजन की सफलता के लिए मुख्य आयोजकों को बधाई दी।

