DSGMC का DU छात्र संघ चुनाव मेँ भी राजनीति करने का आरोप।

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अपने छात्र नेताओं को निर्विरोध चुनाव जितने के लिया किया षड्यंत्र :सरना।

दिल्ली:दिल्ली सिख गुरद्वारा मैनेजमेंट कमिटी द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय (डी यू ) के 4 कॉलेज संचालित किए जाते हैं। इन्हें सिख माइनॉरिटी कॉलेज का दर्जा प्राप्त हैइसमें श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज, नार्थ कैंपस, श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स पीतमपुरा,श्री गुरु नानक देव खालसा कॉलेज, देव नगर, करोल बाग, और माता सुंदरी कॉलेज फॉर वुमेन,माता सुंदरी लेन, मंडी हाउस के पास स्थित है ये चारों कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी के कांस्टिट्यूट कॉलेजस हैं और इनमें 50% सीटें सिख माइनॉरिटी छात्रों के लिए आरक्षित होती हैं।
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र चुनाव मेँ शिरोमणि अकाली दल द्वारा समर्पित छात्रों की उम्मीदवार पर उठे सवाल पर शिरोमणि अकाली दल के विरोध और मान्य हाई कोर्ट के आदेश पर गुरु गोबिंद सिंह ऑफ़ कॉमर्स एवं गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज के छात्र उम्मीदवारों पर बेबुनियाद आरोप लगा कर उनका नॉमिनीशन केंसल करवाने की भरपूर कोशिश दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैंनेजमेंट के इशारे पर की गई सारा खेल अपने उम्मीदवारों को निविरोध जितने का था जो फैल हो गया ।यह कहना था शिरोमणि अकाली दल दिल्ली अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना का।


बता दे,आगामी 18 अगस्त को होने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनावों के मद्देनजर दिल्ली सिक्ख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अधीन संचालित दो कॉलेज श्री गुरु गोबिंद सिंह ऑफ कॉमर्स एवं गुरु टेक बहादुर खालसा कॉलेज विवादों के घेरे में। शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना एवं जागो पार्टी के शीर्षस्थ नेता मनजीत सिंह जीके ने जानकारी देते हुए कहा कि इन कॉलेजों के प्रबंधन ने अपने उम्मीदवारों को निर्विरोध जिताने के लिए जबरन 4 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी खारिज कर दी। इनमें से एक छात्र अश्मीत सिंह गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज सांध्य से है। सरना का कहना है कि उसकी उम्मीदवारी यह कह कर खारिज कर दी गई कि उसने अपनी दाढ़ी कटवा ली है। बाकी के तीन छात्र सुभाग सिंह अध्यक्ष पद के लिए, सिद्धप्रीत कौर थरेजा उपाध्यक्ष के लिए एवं चसमीत सिंह महासचिव पद के लिए श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स से हैं। यह सभी छात्र एसओआई से संबंधित हैं।
मैनेजमेंट द्वारा लाख प्रलोभन दिए जाने के बावजूद गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स के छात्र धरने पर बैठ गए । अंत में शिरोमणि अकाली दल की लीगल कमेटी के द्वारा मामला हाई कोर्ट पहुंचा। हाई कोर्ट में इनके वकील मनमोहन सिंह एवं उनकी टीम ने जानकारी देते हुए कहा कि जस्टिस अमित बंसल की बेंच ने मैनेजमेंट की दलीलों को खारिज करते हुए छात्रों के पक्ष में फैसला दिया। सरना का कहना है, हम जब वहाँ मध्य रात्रि धरने पर बैठे हुए छात्रों से मिलने गए तो कॉलेज परिसर में ना ही प्रिंसिपल थे ना ही चेयरमैन। अश्मीत के मामले में पार्टी विचार कर रही है। लीगल टीम ने जानकारी दी की कोर्ट में मैनेजमेंट की दलील थी कि इनके नामांकन पत्र के साथ आधार कार्ड और कॉलेज आईकार्ड की कॉपी नहीं संलग्न थी।जो सम्भवते नॉमिनीशन फार्म लेने के समय दिखा दी जाती है।

सरना ने आरोप लगाया कि दिल्ली सिक्ख गुरुद्वारा प्रबन्धन कमेटी अध्यक्ष का कहना है कि ये प्रबंधन के आधीन चल रहे कॉलेजों से इलेक्शन सिस्टम को ही बंद कर देंगे। छात्र संघ के चुनावों में यह हाल है तो प्रबंधन के चुनाव में इनकी रणनीति सामने आ गई। उन्होंने कहा कि हम छात्रों के साथ है, और उनको बता देना चाहते है कि जेन जी ही अगली कमेटी को संभालेगी।

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