
● दो मरीजों ने साझा की अपनी भावनात्मक उपचार यात्रा; उन्नत कार्डियक तकनीक से कम इनवेसिव उपचार और जल्द सामान्य जीवन में लौटने का मिला विकल्प
गुरुग्राम, 15 सितंबर 2026: नारायणा अस्पताल, गुरुग्राम में दो मरीजों में सफलतापूर्वक लीडलेस पेसमेकर इम्प्लांटेशन किया गया। यह प्रक्रिया हृदय की धड़कन से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों के लिए कम इनवेसिव उपचार विकल्प उपलब्ध कराने में आधुनिक कार्डियक तकनीक की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
प्रक्रिया के बाद आयोजित एक विशेष बातचीत के दौरान दोनों मरीजों ने अपनी व्यक्तिगत और भावनात्मक उपचार यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि बीमारी का पता चलने के बाद उनके मन में किस तरह की चिंताएं थीं, उपचार को लेकर उनकी आशंकाएं क्या थीं और प्रक्रिया के बाद किस तरह उन्होंने रिकवरी की। मरीजों के अनुभवों ने यह भी बताया कि कार्डियक तकनीक में हो रही प्रगति किस तरह उपचार और रिकवरी की प्रक्रिया को अधिक सहज बनाने में मदद कर सकती है।
पारंपरिक पेसमेकर की तुलना में लीडलेस पेसमेकर एक छोटा उपकरण होता है, जिसे सीधे हृदय के भीतर प्रत्यारोपित किया जाता है। इसमें पेसिंग लीड्स की आवश्यकता नहीं होती और त्वचा के नीचे सर्जिकल पॉकेट भी नहीं बनाना पड़ता। इस कारण, उपयुक्त मरीजों के लिए यह पारंपरिक पेसमेकर इम्प्लांटेशन की तुलना में कम इनवेसिव विकल्प हो सकता है। प्रक्रिया के बाद दोनों मरीजों को उनकी चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर अगले दिन ही अस्पताल से घर जाने की अनुमति दी गई।
इस उपलब्धि पर डॉ. अजय कोहली, डायरेक्टर, दिल्ली-एनसीआर क्लस्टर, कॉरपोरेट ग्रोथ इनिशिएटिव्स, नॉर्थ, नारायणा हेल्थ, ने कहा, “कार्डियक केयर में प्रगति केवल नई तकनीकों को अपनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य उपचार को मरीजों के लिए अधिक सुविधाजनक और मरीज-केंद्रित बनाना भी है। नारायणा हेल्थ में हमारा प्रयास है कि क्लिनिकल विशेषज्ञता के साथ आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार उपयुक्त उपचार उपलब्ध कराया जाए और उनकी रिकवरी को अधिक सहज बनाया जा सके। गुरुग्राम अस्पताल में लीडलेस पेसमेकर की सफल प्रक्रियाएं उन्नत कार्डियक केयर को मजबूत करने और मरीजों के उपचार अनुभव को बेहतर बनाने की हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।”
डॉ. (प्रो.) हेमंत मदान, सीनियर डायरेक्टर एवं प्रोग्राम हेड – कार्डियोलॉजी, नारायणा अस्पताल, गुरुग्राम, ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में पेसमेकर तकनीक में महत्वपूर्ण विकास हुआ है और लीडलेस पेसमेकर कार्डियक रिदम डिसऑर्डर से जूझ रहे उपयुक्त मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण उपचार विकल्प के रूप में सामने आया है। पारंपरिक पेसमेकर की तुलना में लीडलेस सिस्टम में पेसिंग लीड्स और त्वचा के नीचे सर्जिकल पॉकेट की आवश्यकता नहीं होती, जिससे कुछ मरीजों के लिए यह कम इनवेसिव उपचार विकल्प हो सकता है। हालांकि, किस मरीज के लिए कौन-सा उपकरण और उपचार पद्धति उपयुक्त होगी, यह उसकी व्यक्तिगत चिकित्सकीय स्थिति पर निर्भर करता है। हमारा ध्यान हमेशा मरीज की जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रक्रिया और रिकवरी के दौरान व्यापक देखभाल सुनिश्चित करने पर रहता है।”
अपने अनुभव साझा करते हुए दोनों मरीजों ने बताया कि बीमारी का पता चलने के बाद उन्हें शुरुआत में किस तरह की आशंकाओं और चिंताओं का सामना करना पड़ा और उपचार के बाद उनका आत्मविश्वास किस तरह वापस आया। उनके अनुभवों ने हृदय की धड़कन से जुड़ी समस्याओं की समय पर पहचान, विशेषज्ञ कार्डियक केयर तक पहुंच और मरीज की स्थिति के अनुसार उपयुक्त उपचार विकल्पों के महत्व को भी सामने रखा। नारायणा अस्पताल गुरुग्राम में की गई ये सफल प्रक्रियाएं उन्नत कार्डियक केयर को मजबूत करने और ऐसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने की अस्पताल की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जो मरीजों के उपचार अनुभव और रिकवरी को बेहतर बनाने में योगदान दे सकती हैं।

