
नई दिल्ली,: भारत की अग्रणी सौर मॉड्यूल निर्माता कंपनियों में शामिल सोलैक्स एनर्जी लिमिटेड (NSE: SOLEX, BSE: 544862) रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया (REI) एक्सपो 2026 में भारत का पहला एन-टाइप TOPCon तकनीक पर आधारित क्वार्टर सेल सोलर मॉड्यूल ‘TAPI RQ’ पेश करने जा रही है। यह एक्सपो 22 से 24 अक्टूबर 2026 तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित हो रहा है । इस नई तकनीक की पेशकश सौर ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार, उन्नत विनिर्माण और वैश्विक सौर उद्योग में भारत की स्थिति मजबूत करने की दिशा में कंपनी का एक महत्वपूर्ण कदम है।
बड़े पैमाने पर स्थापित होने वाली सौर ऊर्जा परियोजनाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित TAPI RQ मॉड्यूल 670 वॉट पीक (Wp) तक की क्षमता और 24.80 प्रतिशत तक की मॉड्यूल दक्षता प्रदान करता है। इसमें उन्नत क्वार्टर सेल संरचना और एन-टाइप तकनीक का संयोजन किया गया है, जिससे अधिक ऊर्जा उत्पादन, बेहतर प्रदर्शन और लंबे समय तक विश्वसनीय कार्यक्षमता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। मॉड्यूल में IP68 रेटिंग वाला जंक्शन बॉक्स दिया गया है, जो धूल और पानी से सुरक्षा प्रदान करता है। यह तकनीक विशेष रूप से बड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों और उच्च क्षमता वाली परियोजनाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, जहां दक्षता, टिकाऊपन और लगातार बेहतर प्रदर्शन महत्वपूर्ण हैं।
इस अवसर पर सोलैक्स एनर्जी लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. चेतन शाह ने कहा, “नवाचार हमेशा से सोलैक्स की विकास यात्रा का प्रमुख आधार रहा है। REI एक्सपो में लगातार तीन वर्षों से हम ऐसी तकनीकों को पेश कर रहे हैं, जो भारत में सौर मॉड्यूल विनिर्माण की संभावनाओं को नई दिशा देने के हमारे संकल्प को दर्शाती हैं। TAPI RQ के साथ हम अपने ग्राहकों को अधिक दक्षता, बेहतर विश्वसनीयता और दीर्घकालिक लाभ प्रदान करने की दिशा में एक और कदम बढ़ा रहे हैं। हमारा दृष्टिकोण केवल विनिर्माण क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक एकीकृत और तकनीक-आधारित सौर ऊर्जा इकोसिस्टम विकसित करना है, जो भारत की आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करे। विजन 2030 की दिशा में आगे बढ़ते हुए हमारा ध्यान नवाचार, गुणवत्ता और आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान देने पर केंद्रित है।”
इस विस्तार योजना के तहत कंपनी ने गुजरात सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अंतर्गत 4,000 करोड़ रुपये के निवेश से 5 गीगावॉट क्षमता का सौर सेल विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने की योजना है। इस संयंत्र का विकास दो चरणों में, क्रमशः 2 गीगावॉट और 3 गीगावॉट क्षमता के साथ किया जाएगा। इसके साथ ही 10 गीगावॉट-घंटा क्षमता वाली BESS विनिर्माण सुविधा भी स्थापित करने की योजना है। यह विस्तार सोलैक्स की बैकवर्ड इंटीग्रेशन रणनीति, घरेलू विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने और एक मजबूत एवं आत्मनिर्भर नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्यों के अनुरूप है।

