
नई दिल्ली : शिरोमणी अकाली दल (दिल्ली इकाई) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा को पत्र लिखा है। इस पत्र में भारतीय जनता पार्टी द्वारा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी चुनाव लड़ने के लिए मौजूदा कमेटी प्रबंधकों की धार्मिक पार्टी के साथ गठबंधन होने की चल रहीं चर्चाओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। सरना का कहना है कि मल्होत्रा इस बारे में सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी करें क्योंकि दिल्ली सरकार में भाजपा के मौजूदा मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा तथा दिल्ली कमेटी अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और उनके समूह द्वारा आयोजित दिल्ली कमेटी चुनाव से जुड़ी बैठकों और गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। खासकर दिल्ली कमेटी चुनावों से ठीक पहले सिरसा की सक्रिय भागीदारी से स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठता है कि क्या बीजेपी ने उनके समूह के साथ कोई औपचारिक या अनौपचारिक चुनावी गठबंधन किया है। अगर ऐसा कोई गठबंधन पहले ही हो चुका है, तो बीजेपी को सार्वजनिक रूप से सामने आकर संगत को इसकी घोषणा करनी चाहिए।
दिल्ली कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सरना ने कहा कि इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि भाजपा को दिल्ली कमेटी चुनावों के लिए अपना घोषणापत्र संगत के सामने तुरंत रखना चाहिए, जिसमें स्पष्ट रूप से बताया गया हो कि अगर कालका-सिरसा गठबंधन का DSGMC पर नियंत्रण बना रहता है (जिसकी संभावना कम है), तो वे क्या करने का प्रस्ताव रखते हैं? भाजपा को यह भी बताना होगा कि यह प्रस्तावित गठबंधन उस लगभग 600 करोड़ रुपये के कर्ज से कैसे निपटेगा? जिसमें हमारे अनुसार कालका-सिरसा जोड़ी ने कमेटी को धकेल दिया है। क्या बीजेपी इस वित्तीय स्थिति की जिम्मेदारी लेगी, स्वतंत्र ऑडिट कराएगी, कर्ज का पुनर्गठन करेगी या कोई और रास्ता अपनाएगी? क्योंकि वोट देने से पहले संगत को बीजेपी का सही रुख जानने का हक है।
सरना ने बताया कि हमें जानकारी मिली है कि इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी पहली बार पंथक चुनाव मैदान में उतर चुकी है। जिसके लिए बकायदा दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा पुरे दमखम के साथ नवजन्मी “शिरोमणी अकाली दल, दिल्ली स्टेट” नामक धार्मिक पार्टी के संभावित उम्मीदवारों की ना केवल चुनावी सभाओं में घोषणाएं कर रहें है, अपितु चुनाव सभाओं को संबोधित करके सिखों को इस नवजन्मी धार्मिक पार्टी के पक्ष में लामबंद करने की कोशिशें भी कर रहे है। यह पंथक सियासत में भाजपा की पहली एंट्री या प्रयोग है। जिसे आगे शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब, तख्त श्री अबचलनगर, हजूर साहिब तथा हरियाणा गुरुद्वारा कमेटी चुनाव में भी दोहराया जा सकता हैं। यह साफ है कि भाजपा 1 दिसंबर 2021 से अप्रत्यक्ष तरीके से दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंध को अपने हिसाब से चलवा रहीं थी। परन्तु जेन-जी आंदोलन के दौरान गुरुद्वारा बंगला साहिब का प्रदर्शनकारियों की स्वाभाविक तरीके से ‘जीवन-रेखा’ बनना शायद सरकार को रास नहीं आया। इसलिए अब पंथक सियासत में भाजपा प्रत्यक्ष रूप से शामिल हो गईं हैं। भाजपा के इस फैसले पर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए मैं निवेदन करता हूं कि भाजपा अपना चुनाव घोषणा पत्र दिल्ली कमेटी चुनाव के लिए तत्काल ज़ारी करें।

