श्यामा प्रशाद मुखर्जी महिला कॉलेज मे’डा.अंबेडकर रत्न पुरस्कार’ तथा ‘अंबेडकर पी.एच.डी.फेलोशिप पुरस्कार’ प्रदान किए गए’।

अमन जीत कौर रिपोर्ट :-

श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज (महिला), दिल्ली विश्वविद्यालय एवं सेंटर फॉर सोशल डेवलपमेंट (CSD) के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को कॉलेज सभागार में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन CSD के स्थापना दिवस के अवसर पर संपन्न हुआ, जिसमें ‘अंबेडकर रत्न पुरस्कार’ तथा ‘अंबेडकर पी.एच.डी. फेलोशिप पुरस्कार’ प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, माननीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने अपने संबोधन में डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र-निर्माण में योगदानों की समानताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों महान विभूतियों की जयंती वर्ष के संदर्भ में यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि डॉ. अंबेडकर और डॉ. मुखर्जी, 3 जून 1947 को गठित अंतरिम मंत्रिमंडल के सदस्य रहे, जो राष्ट्र-निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका को दर्शाता है। अपने वक्तव्य में मंत्री महोदय ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर न केवल वंचित एवं पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण के अग्रदूत थे, बल्कि एक दूरदर्शी चिंतक, प्रख्यात अर्थशास्त्री, विधिवेत्ता एवं समाज सुधारक भी थे। उनके विचार आज भी सामाजिक न्याय एवं समावेशी विकास के मार्गदर्शक हैं।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री सुरेश जैन, राष्ट्रीय संगठन मंत्री, भारत विकास परिषद ने सामाजिक समरसता एवं राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय नागरिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर ‘अंबेडकर रत्न पुरस्कार’ उन विशिष्ट व्यक्तियों को प्रदान किया गया, जिन्होंने सामाजिक न्याय एवं सामाजिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इस वर्ष ‘अंबेडकर रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित व्यक्तित्व निम्नलिखित हैं: प्रो. अजय कुमार भागी,
प्रो. सुभाष आनंद , प्रो. अमित कुमार सिंह ,
श्रीमती निदर्शना गोवानी ।

वहीं ‘अंबेडकर पी.एच.डी. फेलोशिप पुरस्कार’ के अंतर्गत इस वर्ष कुल 15 शोधार्थियों को सम्मानित किया गया, जो अपने अनुसंधान कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु प्रयासरत हैं।
कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज की प्राचार्या एवं संरक्षक प्रो. नीलम गोयल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। CSD के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार फलवारिया ने अपनी टीम के साथ इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर CSD द्वारा वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, संस्था की पत्रिका का लोकार्पण किया गया तथा एक फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से सामाजिक विकास के विभिन्न आयामों को प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न भागों से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं विशिष्ट अतिथियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। यह आयोजन सामाजिक न्याय, समावेशी विकास एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता पर संवाद का एक प्रभावी मंच सिद्ध हुआ।
आयोजन समिति के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य युवा शोधार्थियों को प्रेरित करना तथा राष्ट्र-निर्माण एवं सामाजिक परिवर्तन के लिए सार्थक अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है।

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