
नई दिल्ली : शिवाजी कॉलेज में गांधी अध्ययन केंद्र के तत्वावधान में गांधी दर्शन की समकालीन प्रासंगिकता पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. मोहन कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विज्ञान और AI ने विकास की नई संभावनाएँ खोली हैं, किंतु सुरक्षा, पर्यावरण और खुशहाली जैसे प्रश्न भी सामने हैं। ऐसे समय में गांधी दर्शन समाधान का मार्ग दिखा सकता है।
प्राचार्य प्रो. वीरेंद्र भारद्वाज ने कहा कि हिंसा कभी शांति का मार्ग नहीं हो सकती और युद्ध जैसी समस्याओं का समाधान गांधी दर्शन में निहित है। मुख्य वक्ता प्रो. रेखा सक्सेना ने गांधी के विचारों की समकालीन प्रासंगिकता तथा साधन की शुचिता पर बल दिया। पद्मश्री उमाशंकर पांडे ने स्वच्छ जल, पर्यावरण संरक्षण और गांधी के रामभक्ति भाव पर विचार रखे।
प्रो. अनिल मिश्रा ने कहा कि गांधी बहुत सरल और सहज थे, लेकिन हमने उनके विचारों को अनावश्यक रूप से जटिल बना दिया है। मंच संचालन सुश्री निधि गर्ग ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रवि ने किया।

