शिपरॉकेट और डेलॉइट ने “एआई फॉर भारत कॉमर्स रिपोर्ट ” लॉन्च किया, रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया कि भारत का ई-कॉमर्स बाज़ार 2030 तक 250 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा।

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  • 98% भारतीय इंटरनेट यूज़र्स इंडिक भाषाओं में कंटेंट देखते हैं, जो वर्नाक्युलर-फर्स्ट कॉमर्स एक्सपीरियंस की ज़रूरत को उजागर करता है।
    • एआई-ड्रिवन पर्सनलाइजेशन से कन्वर्ज़न 2.1x तक और एवरेज ऑर्डर वैल्यू 3.4x तक बढ़ सकती है।
  • टियर II और टियर III शहर भारत के ऑनलाइन शॉपर्स का 60% से अधिक हिस्सा रखते हैं, जो देश के डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

भारत, 27 जुलाई 2026 – भारत का अग्रणी एआई-ड्रिवन कॉमर्स एनेबलर शिपरॉकेट ने डेलॉइट के साथ साझेदारी में आज “AI फॉर भारत कॉमर्स: $250 बिलियन बिज़नेस अवसर को अनलॉक करना” रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट भारत के ई-कॉमर्स इंडस्ट्री के अगले ग्रोथ फेज़ को मैप करती है। अध्ययन में प्रोजेक्ट किया गया है कि भारत का ई-कॉमर्स मार्केट 2025 में लगभग $90 बिलियन से बढ़कर 2030 तक करीब $250 बिलियन तक पहुँच जाएगा। इसमें एआई-पावर्ड डिस्कवरी, चेकआउट इंटेलिजेंस और फुलफिलमेंट इनोवेशन उपभोक्ताओं की अगली पीढ़ी के ऑनलाइन शॉपिंग अनुभव को नया रूप देंगे।

रिपोर्ट में भारत की डिजिटल कॉमर्स यात्रा में “भारत” की बढ़ती अहमियत पर भी ज़ोर दिया गया है। 488 मिलियन ग्रामीण इंटरनेट यूज़र्स भारत की सक्रिय इंटरनेट जनसंख्या का 55% हिस्सा हैं। 98% इंटरनेट यूज़र्स इंडिक भाषाओं में कंटेंट देखते हैं और वर्नाक्युलर वॉइस क्वेरीज़ इंग्लिश की तुलना में 156% अधिक बढ़ रही हैं। ऐसे में व्यवसायों को अधिक समावेशी और वर्नाक्युलर-फर्स्ट कॉमर्स एक्सपीरियंस बनाने होंगे। रिपोर्ट यह भी बताती है कि टियर II और टियर III शहर पहले से ही भारत के ऑनलाइन शॉपर्स का 60% से अधिक हिस्सा रखते हैं, जो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में बढ़ते योगदान को दर्शाता है।

रिपोर्ट ने भारतीय कॉमर्स के भविष्य को आकार देने वाले तीन अहम ट्रेंड्स की पहचान की है:

● एआई-पावर्ड पर्सनलाइजेशन, जहाँ एडवांस्ड एआई मॉडल और जेनरेटिव एआई इंटेलिजेंट रिकमेंडेशन, कन्वर्सेशनल कॉमर्स और विज़ुअल डिस्कवरी के ज़रिए सहज शॉपिंग अनुभव सक्षम करेंगे।

● कन्वर्ज़न इंटेलिजेंस, जहाँ एआई-पावर्ड रिकमेंडेशन, प्रेडिक्टिव डिसीजन-मेकिंग और इंटेलिजेंट कस्टमर एंगेजमेंट ब्रांड्स को कन्वर्ज़न, कस्टमर रिटेंशन और एवरेज ऑर्डर वैल्यू बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं।

● भारत-लेड डिजिटल एडॉप्शन, जहाँ बढ़ती इंटरनेट पेनिट्रेशन, ग्रामीण कनेक्टिविटी और इंडिक-लैंग्वेज कंटेंट की बढ़ती खपत भारत में डिजिटल कॉमर्स के एड्रेसेबल मार्केट को और विस्तार दे रही है।

रिपोर्ट यह भी बताती है कि 90% भारतीय उपभोक्ताओं का मानना है कि जेनरेटिव एआई ने उनके ऑनलाइन शॉपिंग अनुभव को बेहतर बनाया है, जो एआई-लेड कॉमर्स एक्सपीरियंस की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।

रिपोर्ट में यह भी उदाहरण दिए गए हैं कि एआई कैसे कॉमर्स वैल्यू चेन में बिज़नेस आउटकम्स को बेहतर बना रहा है। पहचाने गए रीटर्निंग कस्टमर्स की कन्वर्ज़न रेट नए यूज़र्स की तुलना में 2.1x अधिक है। जिन ब्रांड्स की रिपीट

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