
‘हर स्टोरी हर पावर’ में दर्ज हुई संघर्ष और सेवा की कहानी, महिला उत्थान, समाज सेवा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला सम्मान
महिला स्वामिमान, जागरूकता और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली वरिष्ठ कवियत्री तथा समाजसेवी सुनीता बंसल को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के,
सी. डी. देशमुख सभागार में आयोजित समारोह में ‘वूमन ऑफ विजन सम्मान 2026’, से सम्मानित किया गया | इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण पर आधारित पुस्तक ‘हर स्टोरी हर पावर’ का भी लोकार्पण हुआ, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 50 प्रेरणादायी महिलाओं की जीवन – यात्रा और संघर्ष को स्थान दिया गया है | इनमें सुनीता बंसल की प्रेरक कहानी भी शामिल है |
राही पब्लिकेशन ब्लूरे मीडिया के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में, संस्था के माध्यम से महिलाओं को कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है |

सम्मान प्राप्त करने के बाद सुनीता बंसल ने कहा कि यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बलिक उन सभी महिलाओं के संघर्ष और योगदान का सम्मान है जो परिवार और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं | उनके लिए गर्व और भावनात्मक क्षण है | समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की 50 प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित किया गया |
‘हर स्टोरी हर पावर’ पुस्तक ऑनलाइन उपलब्ध है और पाठक इसे ऑनलाइन अमेजोन से खरीद सकते है |
लायन सुनीता बंसल पिछले 26 वर्ष से लायन्स क्लब से जुड़ी हुयी है | 2001 में प्रेसीडेंट के पद पर कार्य किया अपने समय में उन्होंने 100 प्रोजेक्ट किये |

Zone Region सभी पदों पर कार्य करते हुये अभी तक समाज सेवा में संलग्न है | बिकलांग, द्रष्टिहीन, अनाथ, R O- Water Cooler, Stationery, Scholarships to Poor and Needy Students, अन्न्दान, रक्तदान, कम्बल वितरण अनेकों प्रोजेक्ट्स पर कार्य किया है |
उन्होंने एक all Women “लायंस क्लब शक्ति” के नाम से 40 Womens मेम्बर्स के साथ क्लब की स्थापना की | क्लब में 20 वर्षों में 20 साधारण महिलाओं को प्रेसीडेंट बनाकर उनका मनोबल बढ़ाया, मंच प्रदान किया व उन्हें समर्थ और समाज सेवी बनाया | वो ‘सुनीता बंसल चैरिटेबल ट्रस्ट’ की संस्थापक ट्रस्टी है तथा उसी के सभी सेवा के कार्य करती है | साहित्य के क्षेत्र में भी वो 25 वर्ष से अपनी सेवायें दे रही है | उनके 2 एकल काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके है तथा करीब 25 सांझा संग्रह | अनेकों सम्मानों से सम्मानित सुनीता बंसल एक वरिष्ठ कवियत्री, साहित्यकार तथा समाज सेवी है | वो ऑनलाइन ऑफलाइन काव्य पाठ करती रहती है | उन्होंने कहा अगर उनकी इस प्रेरक कहानी से किसी एक को भी प्रेरणा मिलती है तो वह अपने को धन्य समझेंगी तथा उनका जीवन सफल हो जायेगा |
अंत में साहित्य तथा सेवा दोनों उनके प्रिय विषय है | वो गीता के 18 अध्यायों को सरल दोहों में लिख रही है जिससे आम जनता उनको समझ सके और ज्ञान प्राप्त कर सके | यह उनकी अगली पुस्तक होगी |
उन्होंने तहे दिल से सुशील भारती जी का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनको इस प्रेरक पुस्तक से जोड़ा, डॉ संदीप मारवाह जी तथा राही पव्लिकेशन का बहुत बहुत आभार जिनकी सोच से इस पुस्तक का प्रकाशन हुआ |

