
खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नामांकन
प्रख्यात योग गुरु, समाजसेवी, जन स्वास्थ्य प्रवर्तक, व्यवसायी एवं प्रशासक डॉ. अनिल जैन को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिए भारतीय खाद्य निगम (FCI) की परामर्शदात्री समिति का सदस्य नामित किया गया है।
खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा डॉ. अनिल जैन के नामांकन का आदेश जारी किया गया है। उनका कार्यकाल दो वर्ष अथवा अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, रहेगा।
27 मार्च 1967 को जन्मे डॉ. अनिल जैन पिछले कई दशकों से जनसेवा, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, कृषि तथा विभिन्न संस्थागत एवं परामर्शदात्री गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। वे वर्तमान में जैन आरोग्य नेचुरोकेयर वेलफेयर सोसायटी (JANWS) के अध्यक्ष हैं। संस्था के माध्यम से उन्होंने स्वास्थ्य शिविरों, योग कार्यक्रमों, प्राकृतिक चिकित्सा जागरूकता अभियानों तथा आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के लिए अनेक कल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया है।
डॉ. जैन को सरकारी एवं संस्थागत कार्यों का व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के बोर्ड सदस्य के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) की हिंदी सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य भी रहे हैं।
सार्वजनिक प्रशासन एवं आधारभूत संरचना से संबंधित क्षेत्र में भी डॉ. जैन का महत्वपूर्ण अनुभव रहा है। वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अंतर्गत गुवाहाटी एयरपोर्ट की एयरपोर्ट सलाहकार समिति के सदस्य, रेल मंत्रालय की जोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी के सदस्य, ग्रामीण विकास मंत्रालय की दिशा मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य तथा संचार मंत्रालय की टेलीकॉम सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में कार्य कर चुके हैं।
डॉ. जैन को कृषि संबंधी व्यापार, पैकेजिंग, कृषि उत्पादों, खाद्य तेल, उर्वरक, रसायन तथा विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। उनके इस व्यापक अनुभव के कारण उन्हें कृषि बाजार, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला, व्यापार व्यवस्था तथा किसानों एवं उपभोक्ताओं से जुड़े विषयों की अच्छी समझ है।
योग एवं प्राकृतिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी डॉ. जैन का उल्लेखनीय योगदान रहा है। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में अनेक योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान लगभग 22,000 फीट की ऊंचाई पर 88 से अधिक योगासनों का प्रदर्शन कर उन्होंने योग एवं जन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया।
उनकी सामाजिक सेवा गतिविधियों में महिला सशक्तिकरण, बाल कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, पशु कल्याण, वृक्षारोपण, गंगा एवं यमुना स्वच्छता अभियान, शिक्षा तथा आपदा राहत कार्य शामिल हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने मानवीय एवं राहत गतिविधियों में योगदान दिया।
डॉ. जैन ने “दूध विष या अमृत” तथा “Healing with Nature” सहित स्वास्थ्य, योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित पुस्तकों का लेखन किया है। उन्होंने जनसामान्य में स्वास्थ्य एवं जागरूकता फैलाने के लिए अनेक लेख भी लिखे हैं। समाज सेवा, स्वास्थ्य, हिंदी भाषा के प्रचार एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय विकास पुरस्कार, बेस्ट सोशल सर्विस अवार्ड, वेद राज सेवा सम्मान तथा शिक्षक रत्न सम्मान सहित कई सम्मान प्राप्त हुए हैं।
भारतीय खाद्य निगम की परामर्शदात्री समिति में डॉ. अनिल जैन का नामांकन कृषि, सार्वजनिक प्रशासन, सामाजिक सेवा, जन स्वास्थ्य तथा विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वय के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव की महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है। उनके विविध अनुभव से खाद्यान्न प्रबंधन, कृषि हितों, खाद्य वितरण व्यवस्था तथा किसानों और उपभोक्ताओं से जुड़े विषयों पर होने वाली चर्चाओं में उपयोगी योगदान मिलने की उम्मीद है।
डॉ. अनिल जैन के नामांकन का विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक एवं व्यावसायिक संगठनों से जुड़े लोगों ने स्वागत किया है। उन्होंने डॉ. जैन को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

