विकसित भारत और सुरक्षित भारत के निर्माण के लिए विकास और सुरक्षा का साथ-साथ चलना जरूरी: पंकज भोयर, FSIE 2026

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प्रमाणपत्र आधारित अनुपालन से आगे बढ़कर निरंतर तैयारी और मजबूत अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत: माधुरी मिसाल

मुंबई, 7 सितंबर 2026: भारत में शहरों, उद्योगों और बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ देश को न केवल वैश्विक अग्नि एवं सुरक्षा तकनीकों को अपनाना चाहिए, बल्कि स्वदेशी समाधानों का विकास कर उन्हें वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना भी आवश्यक है। यह बात महाराष्ट्र सरकार के गृह (ग्रामीण), आवास, खनन, सहकारिता एवं स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर ने मुंबई में आयोजित फायर एंड सिक्योरिटी इंडिया एक्सपो (FSIE) 2026 के 9वें संस्करण में कही।

मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया की भूमिका पर जोर देते हुए डॉ. भोयर ने कहा कि भारत को दुनिया से तकनीक खरीदने वाले देश से आगे बढ़कर दुनिया के लिए तकनीक विकसित करने वाला देश बनना चाहिए। साथ ही, देश के घरेलू अग्नि सुरक्षा इकोसिस्टम को भी मजबूत करने की जरूरत है।

कार्यक्रम में उपस्थित महाराष्ट्र सरकार की नगर विकास, परिवहन, सामाजिक न्याय, चिकित्सा शिक्षा एवं अल्पसंख्यक विकास राज्य मंत्री श्रीमती माधुरी मिसाल ने कहा कि अग्नि सुरक्षा को भवन के निर्माण के बाद केवल अनुपालन की आवश्यकता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसे भवन की डिजाइन और निर्माण के चरण से ही एकीकृत किया जाना आवश्यक है। इसमें संरचनात्मक डिजाइन, विद्युत एवं जल प्रणालियां, सुरक्षित निकासी की योजना, अग्निशमन प्रणालियां तथा भवन के पूरे जीवनचक्र के दौरान उनका नियमित परीक्षण और रखरखाव शामिल होना चाहिए।

डॉ. भोयर ने कहा कि भारत के विकास के साथ सुरक्षा के लिए मजबूत तैयारियां भी जरूरी हैं। नवाचार, उन्नत तकनीक, प्रशिक्षित पेशेवरों और प्रभावी क्रियान्वयन की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने उद्यमियों, निर्माताओं, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी कंपनियों से महाराष्ट्र में निवेश एवं उत्पादन करने तथा स्थानीय स्तर पर विकसित सुरक्षा समाधानों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

डॉ. भोयर ने कहा, “मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया के माध्यम से हमें केवल दुनिया से तकनीक खरीदने तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि दुनिया के लिए तकनीक विकसित करनी है। आइए, यहीं निर्माण करें, यहीं उत्पादन करें और यहीं रोजगार के अवसर पैदा करें तथा महाराष्ट्र में निर्मित सुरक्षा समाधानों को पूरी दुनिया तक पहुंचाएं।” उन्होंने आगे कहा, “विकास और सुरक्षा हमेशा साथ-साथ चलनी चाहिए। जैसे-जैसे भारत और महाराष्ट्र आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे हमारी जिम्मेदारी भी बढ़नी चाहिए। हर इमारत, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थान को केवल विकास को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि सबसे पहले हमारे नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया जाना चाहिए।”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती माधुरी मिसाल ने कहा कि अग्नि सुरक्षा को केवल अनुमति और प्रमाणपत्र प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसे नियमित निरीक्षण, परीक्षण, रखरखाव और अनुपालन की निरंतर प्रक्रिया बनाना आवश्यक है। श्रीमती मिसाल ने कहा, “अग्नि सुरक्षा केवल अग्निशामक यंत्र लगाने या फायर एनओसी प्राप्त करने तक सीमित नहीं हो सकती। भवन के पूरे जीवनचक्र के दौरान सुरक्षा प्रणालियों का नियमित निरीक्षण, परीक्षण और रखरखाव सुनिश्चित करना जरूरी है।”

श्रीमती मिसाल ने आगे कहा, “हमें प्रमाणपत्र आधारित दृष्टिकोण से आगे बढ़कर निरंतर सुरक्षा और तैयारियों पर आधारित व्यवस्था अपनाने की जरूरत है। FSIE सरकार, उद्योग, आर्किटेक्ट्स, इंजीनियर्स, कंसल्टेंट्स और टेक्नोलॉजी प्रदाताओं को एक मंच पर लाकर जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।”

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FSAI) की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री राखी दीपक ने देश के सुरक्षा इकोसिस्टम को मजबूत करने में सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और तकनीक की भूमिका पर प्रकाश डाला। सुश्री राखी दीपक ने कहा, “सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है। FSIE सरकार, उद्योग, पेशेवरों और टेक्नोलॉजी प्रदाताओं को एक साझा उद्देश्य के साथ एक मंच पर लाता है, ताकि ज्ञान का आदान-प्रदान हो, साझेदारियां विकसित हों और एक अधिक सुरक्षित भारत के निर्माण में योगदान दिया जा सके।”

नोवा एग्जिबिशंस एंड कॉन्फ्रेंसेस के सह-संस्थापक एवं निदेशक श्री सिद्धार्थ सराफ ने कहा, “FSIE 2026 ऐसा मंच है जहां तकनीक, विशेषज्ञता और उद्योग नेतृत्व एक साथ आकर अग्नि सुरक्षा एवं संरक्षा को आगे बढ़ाने में योगदान देते हैं। हमारा उद्देश्य सार्थक संवाद को बढ़ावा देना, नवीन समाधानों को प्रदर्शित करना और अधिक सुरक्षित एवं मजबूत भारत के लिए तैयारियों को सशक्त करना है।” उन्होंने आगे कहा, “‘सुरक्षित भारत – एक सुरक्षित और संरक्षित भारत’ का हमारा विजन तभी वास्तविकता बन सकता है, जब लोग, तकनीक और विचार एक साथ आएं। FSIE इस विजन को कार्रवाई में बदलने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।”

FSIE 2026 में अग्नि, सुरक्षा एवं संरक्षा से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को एक मंच पर लाया गया है। इस आयोजन में 240 से अधिक प्रदर्शक ब्रांड, 70 से अधिक वक्ता और हजारों उद्योग जगत के नेता एवं निर्णयकर्ता भाग ले रहे हैं। एक्सपो में फायर प्रोटेक्शन, लाइफ सेफ्टी, सिक्योरिटी, सर्विलांस, बिल्डिंग ऑटोमेशन और इमरजेंसी रिस्पॉन्स से जुड़े समाधान प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), स्मार्ट सेंसर, उन्नत फायर डिटेक्शन सिस्टम और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम जैसी तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया है, जो तेज प्रतिक्रिया और बेहतर आपातकालीन तैयारियों में मदद करती हैं।

FSIE 2026 को महाराष्ट्र सरकार और उसके नगर विकास विभाग (Maha UDD) के साथ-साथ प्रमुख सरकारी निकायों एवं संस्थागत भागीदारों का समर्थन प्राप्त है। यह समर्थन अग्नि सुरक्षा, आग की रोकथाम, आपातकालीन तैयारियों और मजबूत बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, यह सरकार, उद्योग और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच बेहतर सहयोग के माध्यम से उच्च सुरक्षा मानकों को स्थापित करने और अधिक सुरक्षित एवं मजबूत महाराष्ट्र के निर्माण की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

FSIE 2026 का उद्देश्य भारत को प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई से सक्रिय रोकथाम की दिशा में आगे बढ़ाना है। यह आयोजन तकनीक, विशेषज्ञता, ज्ञान और उद्योग के सहयोग को एक मंच पर लाकर अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और मजबूत भवनों एवं बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने का प्रयास कर रहा है।

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