
नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा का विशेष उल्लेख करते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2021 में जीएनसीटीडी अधिनियम में किए गए संशोधन के बाद दिल्ली विधानसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों का लोकसभा के नियमों के अनुरूप होना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि संशोधित कानूनी ढाँचे के अंतर्गत विधानसभा तथा उसकी समितियों की दिन-प्रतिदिन के प्रशासन एवं प्रशासनिक जांच से संबंधित मामलों में कुछ सीमाएँ निर्धारित की गई हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने जानकारी दी कि दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पहले ही अपने प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के संशोधन एवं आधुनिकीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है,

जिसका उद्देश्य लोकसभा नियमों के अनुरूप समरूपता सुनिश्चित करना तथा नियमों को लैंगिक रूप से तटस्थ बनाना है। उन्होंने कहा कि संशोधित नियमों में वित्तीय कार्यों से संबंधित विस्तृत प्रक्रियात्मक प्रावधानों को भी शामिल किया जाएगा, जिनमें बजट प्रक्रिया एवं अनुदान मांगों से संबंधित व्यवस्थाएं सम्मिलित होंगी।

श्री गुप्ता ने आगे बताया कि दिल्ली विधानसभा में वर्तमान में 35 समितियाँ कार्यरत हैं, जिनमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए गठित विशेष समितियाँ भी शामिल हैं। इनमें छात्र एवं युवा कल्याण, अनधिकृत कॉलोनियाँ, नगर निगम संबंधी विषय, शांति एवं सद्भाव, वरिष्ठ नागरिक कल्याण, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों तथा दिव्यांगजन कल्माण से संबंधित समितियाँ प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया एवं कार्य संचालन के समान मॉडल नियमों पर विचार-विमर्श से प्राप्त सुझावों की उत्सुकता से प्रतीक्षा की जा रही है तथा उन्हें दिल्ली विधानसभा के संशोधित नियमों में उपयुक्त रूप से सम्मिलित किया जाएगा।
बैठक में अपने संबोधन का समापन करते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि प्रक्रिया एवं कार्य संचालन के समान मॉडल नियमों को अपनाना भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाने तथा देशभर में अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं समन्वित संसदीय संस्कृति विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

