माई साहिबा की मजार, मस्जिद के निकट वक्फ बोर्ड, डीडीएअवार्डैड,भूखंड,अधचिनी अवैध निर्माणों व कब्जे पर नाम मात्र तोड़ फोड़ व सीलिंग।

, शिकायतकर्ताओ की मांग उचित कार्यवाही हो,कोर्ट जाने की तैयारी।

 दक्षिणी दिल्ली:दिल्ली सरकार के गृह मंत्री आशीष सूद के ब्यान कि अवैध कब्जा धारियों को बक्सा नहीं जाएगा, वहीं मान्य हाई कोर्ट का भी आदेश है कि प्रशासन अपनी भूमि पर हर संभव कब्ज़ा लें।    दिल्ली नगर निगम, डीडीए अन्य एजेंसिया लगातर कार्यवाही कर रही है, फिर भी अवैध कब्जे नियमित हो रहें है प्रशासन का कोई डर नहीं। वर्षों से बसे आशियाने बेदर्दी से उजाड़े जा रहे हैं , आलीशान भवनों को सरकारी जमीन के नाम पर ध्वस्त किये जा रहें है, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों की मिली भगत से वक्बोर्ड व डीडीए की लैंड पर 4-5 मंजिला अवैध निर्माण हो रहा है और शिकायतों के बाद मोटी सेवा के षड़यंत्र से  नाममात्र तोड़ फोड़ सीलिंग कार्रवाई की गई।
           सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि अधचिनी माई साहिबा के मजार व कब्रस्तान तथा मस्जिद के बीच वक्फ बोर्ड व डीडीए भूखंड पर 5-5 लेंटर डाले जा चुके , प्रशासन उगाही करता रहा, लगातार शिकायतों पर गत सप्ताह दूसरी बार नाम मात्र तोड़फोड़ करके फ्लेटो के कुछ भाग को सील कर दिया गया , जिससे ना तो शिकायतकर्ता संतुष्ट हैं ना ही क्षेत्रवासी, तथा नाम मात्र डिमोलिशन व सीलिंग की खबर  को निगम के माध्यम से प्रसारित भी नहीं किया गया ,
  विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि माई साहिबा के मजार के सामने वक्फ बोर्ड  भूमि  के काग़ज़ात में डेपुटेशन पर आए अधिकारियों की सेवा  स्तर  पर  हेरा फेरी कराकर छुटभैया नेता ने पांच मंजिला अवैध निर्माण कर लिया कब्ज़ाधारी अपने राजनैतिक पहचान का रोब दिखा प्रशाशन पर दवाब डलवाकर अभी भी अवैध निर्माण जारी है।
ज्ञात हो कि माई साहिबा के मजार के आस पास कितनी लैंड  वक्फ बोर्ड की है और कितनी  डीडीए को अवार्डेड जो उसका लेखा जिखा अधिकारियों को जानकारी है फिर भी नाममात्र कार्यवाही से मजार के श्रद्धालु ,क्षेत्रवासी खसरा नंबर 159 की पूरी सरकारी जमीन अवैध कब्जे से मुक्त करने की मांग करते हैं , वक्फ गैजेट वह अवार्ड के अनुसार  सरकारी भूमि अवैध कब्जे से मुक्त करने की जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम व एडीएम आदि की भी है , एसडीम महोदय ने इस अवैध कब्जे को खाली कराने  के लिए अब तक कोई भूमिका नहीं निभाई है , जो अपने आप में प्रश्न चिन्ह है?

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