बंसी लाल की रिपोर्ट :-

डीडीए और एसडीएम नाम मात्र तोड़फोड़, सीलिंग कार्रवाई के बाद भी जारी अवैध निर्माण।
दक्षिणी दिल्ली, अथचिनी गांव में स्थित माई साहिबा मजार के निकट जामा मस्जिद मदरसा लालीमुल कुरान , कब्रिस्तान ट्रस्ट वाली गली में लगभग 7,800 वर्ग गज भूमि पर चर्चित भू माफियाओं व दबंग बिल्डरों ने फिर अवैध कब्जा करके वर्षों पुरानी कब्रों के नामो निशान मिटा दिए, इससे पूर्व भी यहां वक्फ़ भूमि पर प्रशासन की मिली भगत से सरकारी कागजात में हेरा फेरी करके अवैध कब्जे होते रहे हैं।
दिल्ली में ट्रिप्पल इंजन की सरकार में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता व दिल्ली के होम मिनिस्टर आशीश सूद ने स्पष्ट किया है दिल्ली में सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटा प्रशासन अपने कब्जे मे लेने का प्रयास करेगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दक्षिणी दिल्ली के अधचिनी गांव माई साहिबा मजार के निकट मस्जिद वाली गली में डीडीए आवार्डिड़ व वक्फ बोर्ड भूमि खसरा नंबर 159 के बड़े भाग पर सलीम, शानिद अंसारी छुट भैया इरफान आदि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करके शुजाउद्दीन उर्फ़ हाफिज बिल्डर मुश्ताक उर्फ़ बब्लू दबंग बिल्डर अशरफ आदि से वर्ष 2025 में बहु मंजिला अवैध फ्लेटों क़ो बनाने का एग्रीमेंट किया, सरकारी भूमि पर अवैध फ्लैटो के निर्माण पूर्णत: नियमों का उल्लंघन व गंभीर अपराध है, क्योंकि ना तो कब्जा धारी सरकारी भूखंडों का स्वामी है, न ही किसी सरकारी एजेंसी से अवैध कब्जाधारियों को NOC प्राप्त है, दिल्ली नगर निगम भवन विभाग के रिकार्ड के अनुसार खसरा नंबर 159 के किसी भाग पर फलेटों के निर्माण का कोई नक्शा कभी भी स्वीकृत नहीं हुआ और न ही कभी आवेदन किया गया, वही दिल्ली वक्फ चोर्ड रिकॉर्ड गैजेट के अनुसार खसरा नंबर 159 की कई बीघा भूमि मस्जिद व कब्रिस्तान की हैऔर
वक्फबोर्ड के अधीन है, इसके कुछ भाग को डीडीए ने अवार्ड किया, बड़े अधिकारियो क़ो जानकारी है कि उपरोक्त भूमि घोटाला एडीएम दक्षिणी, संबंधित एसडीएम और डीडीए के संज्ञान में है जिस पर सभी एजेंसियों के महाभष्ट्र अधिकारी चुप्पी साधे हैं, दिल्ली वक्फ बोर्ड और डीडीए ने अपनी भूमि अधिग्रहण के लिए अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की। उनके पास इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है, केवल और केवल शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दे रहे हैं, यही कारण है कि मिली भगत से नाम मात्र तोड़ फोड़ व सीलिंग कार्रवाई के बावजूद निर्माणाधीन इमारत पर ग्रीन मैट लगाकर अंदर ही अंदर अवैध निर्माण जारी है, इसके वावजूद बिल्डर्स पर एफआईआर तक ना हो सकी, यह मिली भगत का स्पष्ट प्रमाण है।
उपरोक्त ध्वस्त, सील फ्लेटों का कोई नक्शा दिल्ली नगर निगम में पास नहीं है, न ही किसी सरकारी एजेंसी ने अवैध कब्जाधारियों, बिल्डरों को फ्लेटों के निर्माण की अनुमति दी है, फाइनेंसर,लालची डीलर केवल कमिशन के लालच में खरीदारों को गुमराह करके करोड़ों रुपए के फ्लैट बुक कराने का गोरख धंधा कर रहे हैं।
नियमानुसार जो निर्माणाधीन. फ्लेट एमसीडी ने बुक किये उनमें मीटर नहीं लगाए जा सकते, किंतु मिली भगत के कारण इन अवैध फलेटों पर कार्रवाई की सूचना लंबित करने का षड्यंत्र रचा जा चुका है ताकि सील्ड तोड़ फोड़ कार्यवाही दबाकर ध्वस्त,सील किए गए अवैध फ्लेटों पर मीटर लगाया जा सके।
बतादे,सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के इस प्रकरण में मुख्य भूमिका एडीएम, दक्षिण, एसडीएम, वक्फ बोर्ड, डीडीए अधिकारियों की है, नाम ना बताने की शर्त पर वक्फ बोर्ड कार्यालय के अधिकारी के अनुसार बोर्ड ने इस अवैध कब्जे के लिए संबंधित एसडीएम आदि को सूचित कर दिया है, किन्तु जिस प्रकार अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध कार्रवाई की आवश्यकता है उसमें वक्फ बोर्ड असफल नजर आता है।
ज्ञात हुआ है कि संबंधित एसडीएम एमबी रोड साकेत अभी अवैध कब्जा हटवाने के पक्ष में नहीं है, यह केवल जांच का बहाना बनाकर कब्जाधारियों और बिल्डरों को राहत देने के पक्ष में हैं, तथा उनकी दृष्टि में यह केवल भवन उपनियमों के उल्लंघन का मामला है, जबकि यह मामला वक्फ बोर्ड की कब्रिस्तान भूमि पर हुए अवैध का है जिस पर माफिया अवैध निर्माण लगातार कर रहे है।
अधचिनी के पुराने कब्रिस्तान की कबरै तोड़कर भूमि पर मोटी राशि कमाने के लिए अवैध फिलैटों का निर्माण केवल भूमि अधिनियमो व भवन उप नियमों का उल्लंघन है बल्कि मुख्यतः मुस्लिम समाज के लिए शर्मनाक है, इसके कब्जाधारी, बिल्डर्स, फाइनेंसर,बिल्डर्स, तथाकथित समाज के नाम निहाद सूद खोर समाज सुधारक पर बुद्धिजीवी मुस्लिम समाज थू थू कर रहा है, यदि प्रशासन इन मानवीय तथाकथिक ठेकेदारों के विरुद्ध शीघ एक्शन नहीं लेता तो सम्बंधित विभाग के अधिकारियों अवैध कब्जाधारियों व बिल्डरों के विरुद्ध शीघ्र प्रदर्शन भी किया जा सकता है।
माई साहिबा मजार व जामा मस्जिद कब्रिस्तान इंतजाम्या और क्षेत्रीय नमाजी कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जों व अवैध निर्माणों पर चिंतित हैं।
उनका मानना है कि बढ़ती आबादी क़ो लेकर कब्रिस्तान व मस्जिद के विस्तार की अति आवश्यकता है, महाभ्रष्ट अधिकारियों व सफेद पोश माफियाओं की मिली भगत से बची कुची वक्फ बोर्ड की भूमि पर न केवल कार्रवाई की जाए बल्कि सरकारी भूमि अवैध कब्जों से मुक्त कराई जाए साथ ही जिन अधिकारियों ने अधचिनी गांव में हालिया अवैध कब्जों पर अवैध निर्माण कराया और धड़ल्ले से करा रहे है उन महा भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

