
भारत की व्यापारिक, औद्योगिक और उद्यमशील क्षमताओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के उद्देश्य से कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) एवं इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (आईटीपीओ ) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 (बीवीएम 2026) देश के आर्थिक इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। यह महोत्सव केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में “नए भारत की आर्थिक शक्ति, आत्मविश्वास, नवाचार और वैश्विक महत्वाकांक्षाओं का विराट उत्सव” है।
आज नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए चांदनी चौक से सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि यह महोत्सव प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल”, “लोकल टू ग्लोबल” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को धरातल पर उतारने वाला एक ऐतिहासिक आयोजन है। इसका उद्देश्य भारतीय निर्माताओं, व्यापारियों, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, महिला उद्यमियों, कारीगरों और सेवा क्षेत्र की प्रतिभाओं को ऐसा मंच प्रदान करना है, जहाँ से वे न केवल देश बल्कि पूरी दुनिया के बाजारों तक अपनी पहुंच बना सकें।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह 12 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। उनके साथ केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता तथा कैट की रणनीतिक सलाहकार श्रीमती स्मृति ईरानी भी उपस्थित रहेंगी। अनेक केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ प्रशासक, उद्योग जगत के अग्रणी प्रतिनिधि तथा विभिन्न देशों के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी इस अवसर पर शामिल होंगे।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि भारतीय व्यापार महोत्सव देश का अब तक का सबसे बड़ा “मेड इन इंडिया” व्यापारिक आयोजन है, जो पूरी तरह भारतीय उत्पादों, सेवाओं, तकनीकों और नवाचारों को समर्पित है। देश के विभिन्न राज्यों से 700 से अधिक स्टॉल इस महोत्सव में भाग ले रहे हैं, जबकि लाखों व्यापारिक आगंतुकों, संस्थागत खरीदारों, उद्योगपतियों और उद्यमियों के इसमें शामिल होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त 40 से अधिक देशों से आने वाले व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल और खरीदार इसे एक वास्तविक ग्लोबल बिजनेस प्लेटफॉर्म का स्वरूप प्रदान करेंगे।
उन्होंने कहा कि महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह निर्माता से लेकर निर्यातक, स्टार्टअप से लेकर बड़े उद्योग, महिला उद्यमी से लेकर ग्रामीण कारीगर और पारंपरिक व्यवसाय से लेकर आधुनिक तकनीकी कंपनियों तक सभी को एक ही मंच पर लाता है। चार दिनों के दौरान आयोजित होने वाले इस महोत्सव में बायर-सेलर मीट, बी2बी एवं बी2जी नेटवर्किंग सत्र, निवेश एवं निर्यात संवाद, स्टार्टअप शोकेस, तकनीकी प्रदर्शनियां तथा विशेष विषयों पर पैनल चर्चाएं व्यापार विस्तार के नए द्वार खोलेंगी।
महोत्सव में भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक विविधता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। जीआई टैग प्राप्त उत्पाद, हस्तशिल्प, हथकरघा, ग्रामीण एवं कुटीर उद्योगों के उत्पाद जहाँ भारत की समृद्ध परंपरा को प्रदर्शित करेंगे, वहीं डिजिटल कॉमर्स, फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लॉजिस्टिक्स, हरित प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्र भारत के आधुनिक आर्थिक सामर्थ्य का परिचय देंगे।
उन्होंने बताया कि दिव्यांग उद्यमियों के लिए विशेष “एबिलिटी एक्सपो”, महिला उद्यमियों को समर्पित “नारी वंदन पवेलियन” तथा नवाचार आधारित उद्यमों के लिए स्टार्टअप हब इस महोत्सव के प्रमुख आकर्षण होंगे। यह आयोजन समावेशी विकास, सामाजिक सहभागिता और उद्यमिता के लोकतंत्रीकरण का भी एक सशक्त उदाहरण बनेगा।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि भारतीय व्यापार महोत्सव केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह घरेलू व्यापार और निर्यात दोनों को नई गति देने वाला आर्थिक इंजन सिद्ध होगा। इससे नए व्यापारिक गठजोड़ बनेंगे, वैश्विक खरीदारों तक भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी, आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत होंगी, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, आयात पर निर्भरता घटेगी तथा एमएसएमई और छोटे व्यवसायों को नए बाजार प्राप्त होंगे। यह आयोजन भारत को विश्व के प्रमुख विनिर्माण एवं निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि महोत्सव के माध्यम से व्यापार, निवेश, पर्यटन, आतिथ्य, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र में व्यापक आर्थिक गतिविधियां उत्पन्न होंगी, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
श्री खंडेलवाल ने कहा “भारतीय व्यापार महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की उद्यमशीलता का महोत्सव, भारतीय प्रतिभा का प्रदर्शन, आत्मनिर्भर भारत का सशक्त अभियान और विकसित भारत के आर्थिक भविष्य का प्रवेशद्वार है। यह दुनिया को भारत की क्षमता, गुणवत्ता और व्यापारिक नेतृत्व का परिचय कराने वाला ऐतिहासिक मंच बनेगा।”

