
बंगला साहिब मामले में हरमीत सिंह कालका की दलील पर सरना ने उठाए गंभीर सवाल
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर: शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली इकाई) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने केंद्र सरकार और देश के सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों से अपील की है कि गुरुद्वारा साहिबान की पवित्रता और सिख धार्मिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट प्रोटोकॉल बनाया जाए, जिसके तहत पुलिस और सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों का पीछा करते हुए गुरुद्वारा परिसर में प्रवेश करने से रोका जा सके।
श्री रकाब गंज साहिब परिसर स्थित पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरना ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका द्वारा गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस कार्रवाई के बचाव पर कड़ी आपत्ति जताई।
सरना ने कहा कि कालका द्वारा यह तर्क देना कि पुलिसकर्मी दरबार हॉल की ओर जाने वाली सीढ़ियों तक नहीं गए, सिख धार्मिक मर्यादा के व्यापक सिद्धांत को केवल एक सीमित दायरे तक बांधने के समान है।
सरना ने कहा, “वर्दीधारी पुलिस का किसी व्यक्ति का पीछा करते हुए या उसे काबू करने की कार्रवाई के तहत गुरुद्वारा परिसर में प्रवेश करना गंभीर मामला है। केवल यह कह देना कि पुलिस दरबार हॉल के अंदर नहीं गई, इस कार्रवाई को अपने आप जायज नहीं बना देता।”

उन्होंने केंद्र सरकार और सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों से मांग की कि ऐतिहासिक गुरुधामों से लेकर मोहल्ला स्तर के सिंह सभा गुरुद्वारों तक हर धार्मिक स्थल की पवित्रता का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिब में जो भी आता है वो गुरु घर में आता है जहाँ किसी प्रकार की पुलिसीय कार्यवाही से बचना चाहिए।
सरना ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब शरण, सेवा और आध्यात्मिक शांति का केंद्र है तथा इसकी पवित्रता की रक्षा करना प्रबंधकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि केवल तकनीकी दलीलों के आधार पर पुलिस कार्रवाई को जायज ठहराना इस गंभीर मामले की वास्तविक भावना को नजरअंदाज करना है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून का पालन अपनी जगह महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ-साथ धार्मिक स्थलों की पवित्रता और सिख मर्यादा का सम्मान करना भी सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी है।परिसर में किसी पर भी एफआईआर हुई है उनको क़ानूनी सहायता मुफ्त दी जाएगी।

