
गुरुग्राम : अदालत द्वारा नियुक्त कमिश्नर और वकीलों की एक टीम ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 की सुबह अचानक छापेमारी कर पेटेंट का उल्लंघन करने वाली मशीनों से चल रही एक व्यावसायिक इकाई को बंद करवा दिया। यह कार्रवाई आईएमटी मानेसर के सेक्टर 7 स्थित ‘सत्यवती फूड कंपनी’ नाम के एक स्थानीय रोटी बनाने वाले व्यवसाय पर की गई। श्री पवनेश यादव (प्रोप्राइटर) और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा संचालित यह फर्म, अपने व्यावसायिक उत्पादन के लिए कथित तौर पर पेटेंट की गई स्वचालित रोटी बनाने वाली मशीन के कई अवैध रूप से कॉपी किए गए और अनधिकृत संस्करणों का उपयोग कर रही थी।
साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और चल रहे बौद्धिक संपदा उल्लंघन को रोकने के लिए अदालत के स्पष्ट निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, कानूनी टीम तड़के ही परिसर में पहुँच गई। अंदर प्रवेश करने पर, टीम ने पाया कि वहाँ बड़े पैमाने पर काम चल रहा था और उत्पादन लाइन को संचालित करने के लिए लगभग 20-25 श्रमिक मौजूद थे। सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस बल की टुकड़ी भी मौके पर तैनात थी। टीम ने व्यवस्थित रूप से परिसर का निरीक्षण किया, पूरे सेटअप का दस्तावेजीकरण किया और उल्लंघन करने वाली मशीनरी को औपचारिक रूप से सील कर दिया।

पेटेंट धारक के अधिवक्ता श्री विपुल गुप्ता, जो कमिश्नर के साथ मौजूद थे, ने बताया कि यह छापेमारी अदालत के आदेश और एकतरफा अंतरिम स्थगनादेश के अनुपालन में की गई है। हालांकि, मामला अदालत के विचाराधीन होने के कारण विशिष्ट विवरणों का खुलासा नहीं किया गया। पेटेंट मालिक ‘मेसर्स दिल्ली ब्रेड बेकर्स’ के प्रतिनिधि श्री गुरदीप सिंह तुली भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सत्यवती फूड कंपनी और अन्य संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे उन निर्माण इकाइयों पर बढ़ती सख्ती को दर्शाती है जो जाली या पेटेंट किए गए औद्योगिक डिजाइनों का इस्तेमाल कर रही हैं।

