
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2026:कैंसर के सफर में इलाज के साथ भावनात्मक सहयोग भी बेहद अहम होता है। इसी भावना के साथ धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली ने अपने कैंसर सहायता समूह ‘रुबरू’ के 12वें वार्षिक आयोजन का आयोजन किया। कार्यक्रम में कैंसर सर्वाइवर्स, मरीजों, परिजनों, केयरगिवर्स और चिकित्सकों ने एक साथ आकर जीवन के उत्साह और आपसी सहयोग का जश्न मनाया।
रुबरू केवल एक वार्षिक मिलन समारोह नहीं, बल्कि कैंसर प्रभावित लोगों का एक सहयोगी समुदाय है। यह समूह सर्वाइवर्स के जज़्बे को सलाम करता है और मरीजों व उनके परिवारों को भावनात्मक संबल देता है। उपचार के दौरान की चिंताओं से लेकर उपचार के बाद जीवन में आगे बढ़ने की चुनौतियों तक, रुबरू का उद्देश्य लोगों को यह भरोसा दिलाना है कि वे इस सफर में अकेले नहीं हैं। इस वर्ष के आयोजन में खेल, सामूहिक गतिविधियों और आत्मीय संवाद के जरिए प्रतिभागियों ने साथ समय बिताया। सर्वाइवर्स ने उपचार की चुनौतियों, परिवार और मेडिकल टीम से मिले सहयोग और जीवन की खुशियों से दोबारा जुड़ने के अनुभव साझा किए।कार्यक्रम में डॉ. रश्मि रेखा बोरा, डायरेक्टर एवं सीनियर कंसल्टेंट – गायनेकोलॉजी ऑन्कोलॉजी और डॉ. रंजीत पधियारी, सीनियर कंसल्टेंट – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी उपस्थित रहे। क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. मनीष टंडन ने स्वागत संबोधन से मरीजों का उत्साह बढ़ाया। समग्र कैंसर देखभाल पर डॉ. कनिका सूद शर्मा, डायरेक्टर एवं क्लिनिकल लीड – रेडिएशन ऑन्कोलॉजी ने कहा, कैंसर की देखभाल केवल निदान और उपचार तक सीमित नहीं है। रुबरू मरीजों को जुड़ने और एक-दूसरे से हौसला लेने का मंच देता है। उनका साहस हमें याद दिलाता है कि जीवन की गुणवत्ता और भावनात्मक स्वास्थ्य भी अहम हैं।डॉ. शुभम गर्ग, डायरेक्टर सर्जिकल ऑन्कोलॉजी ने कहा, हर मरीज का अनुभव अलग होता है। रुबरू जैसे मंच व्यक्ति, उसके साहस और स्वस्थ जीवन की यात्रा को समझने में मदद करते हैं।

