कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट..

नई दिल्ली : इथेनाइल से लगातार हो रहा ट्रांसपोर्टरो को भारी नुकसान के चलते केंद्र सरकार के खिलाफ होगा व्यापक राष्ट्रव्यापी आंदोलन, दिल्ली टेक्सी एन्ड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स और टूर ऑपरेटर एसोशियेशन ने किया एलान।देश भर में4 अगस्त 2026को आंदोलन करने और एक दिवसीय चका जाम भी किया जायेगा ।
दिल्ली टैक्सी एन्ड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एन्ड टूर ऑपरेटर ऐशोसियेशान के अध्यक्ष संजय सम्राट ने प्रेस वार्ता में सरकार के खिलाफ कड़े शब्दों मे बोलते हुए कहा कि सरकार में खास कर पेट्रोलियम और ट्रांसपोर्ट मंत्रालय हमारे व्यापार को खत्म करने का षड्यंत्र रच रहा है, गत कई वर्षो से विभिन्न कानून बना कर पहले पर्यावरण के नाम पर सीएनजी पर गाड़ी चलाने का तुगलकी आदेश अब ईवी पॉलिसी लाकर हमारे ऊपर अनावश्यक बोझ डाला जा रहा है। हमें पहले ही दस व पंद्रह वर्षो पुरानी गाड़ियों को खत्म कर हमें बर्बाद किया गया।पेनिक बटन के नाम पर लूटा गया।
संजय सम्राट ने कहा कि अब पेट्रोल में ई 20 एथिनाल मिलाकर मिलने वाला पेट्रोल जिसमे गन्ने का रस मिलाकर बेचा जा रहा है सबसे ज्यादा खतरनाक है, टूर ऑपरेटरों के बीच गंभीर चिन्ताएं व्याप्त है। एथिनाल से माइलेज कम होना, इंजन की कार्यछमता में भारी कमी,इंजन और पुर्जो पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

अध्यक्ष संजय सम्राट ने सरकार का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया कि गन्ना,मक्का और चावल जैसी फसलों के बढ़ते उपयोग से भविष्य में खाद्य सुरक्षा, तथा जल संसाधनों पर भी इसका भयंकर प्रभाव पड़ने की आशंका है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा कि हमारा मानना है, केंद्र सरकार इन सभी नीतियों की स्वतंत्र,निष्पक्ष एंव वैज्ञानिक तरीके से समीक्षा कराये तथा वाहन निर्माताओं, परिवहन उद्योग, किसानों एवं विषय विशेषज्ञओं और सभी हित धारको की राय लेकर इस विषय पर पुनर्विचार करें।
हमारी अपिलों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए दिल्ली टैक्सी एन्ड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एन्ड टूर ऑपरेटर्स ऐशोसियेशन ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि 4अगस्त 2026को संसद का घेराव एवं राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन, एक दिवसीय चक्का जाम और सरकार को समस्याओं से अवगत कराने के लिए ज्ञापन दिया जायेगा, वही राज्य भर में अपने-अपने स्तर से प्रशासनिक कार्यालयों में भी ज्ञापन दिया जाएगा।इस मौका पर उस ऑपरेटर्स,इंडस्ट्रीज ओर ऑपरेटर्स के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

