आदर्श परीक्षा केंद्र: भारत की सुरक्षित और छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली का नया मॉडल बनकर उभर रहा है

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नई दिल्ली:– देशभर में होने वाली प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं की बढ़ती संख्या तथा परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर बढ़ती अपेक्षाओं के बीच आदर्श परीक्षा केंद्र एक ऐसे मॉडल के रूप में सामने आया है, जो भारत की परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, मानकीकृत और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

वर्तमान में भारत में अनुमानित 75 हजार से 1 लाख कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) सीटें उपलब्ध हैं। यही कारण है कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को कई दिनों तक आयोजित करना पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जहां कई देशों ने अत्याधुनिक, सुरक्षित और मानकीकृत परीक्षा केंद्र विकसित कर लिए हैं, वहीं भारत का बड़ा हिस्सा अभी भी अस्थायी परीक्षा केंद्रों पर निर्भर है, जहां सुरक्षा, तकनीकी सुविधाओं और परीक्षार्थियों के अनुभव में एकरूपता का अभाव देखने को मिलता है।

इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विकसित किए गए आदर्श परीक्षा केंद्र में आईएसओ प्रमाणित अवसंरचना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक पंजीकरण, सुरक्षित प्रिंटिंग ज़ोन, केंद्रीय कमांड एवं कंट्रोल रूम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही परीक्षार्थियों के लिए वातानुकूलित परीक्षा कक्ष, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, प्रतीक्षालय और सामान रखने की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है।

इनोवेटिव्यू इंडिया लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक अशिष मित्तल ने कहा, “भारत की परीक्षा प्रणाली एक महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रही है। बड़ी संख्या में होने वाली परीक्षाओं के लिए अब अस्थायी व्यवस्थाओं के बजाय तकनीक आधारित, मानकीकृत और सुरक्षित परीक्षा केंद्रों की आवश्यकता है। आदर्श परीक्षा केंद्र का उद्देश्य प्रत्येक अभ्यर्थी को समान, पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा अनुभव प्रदान करना तथा परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं को सुरक्षित और भरोसेमंद अवसंरचना उपलब्ध कराना है।”

दिल्ली-एनसीआर और बिहार में संचालित इस नेटवर्क के अंतर्गत वर्तमान में 25,000 से अधिक परीक्षा सीटें उपलब्ध हैं। बिहार के 9 शहरों में 10 परीक्षा केंद्रों के माध्यम से पिछले छह महीनों में 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी हैं। आगामी 12 महीनों में यह संख्या 75 लाख से अधिक उम्मीदवारों तक पहुंचने का अनुमान है।

इन केंद्रों पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा बोर्ड (BCECEB), कर्मचारी चयन आयोग (SSC) तथा रेलवे भर्ती बोर्ड (RRBs) सहित कई प्रमुख परीक्षा एजेंसियां अपनी परीक्षाएं आयोजित कर चुकी हैं। राज्य सरकारों के सहयोग से इन केंद्रों का विस्तार भी लगातार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में देशभर में सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वस्तरीय परीक्षा प्रणाली स्थापित करने की दिशा में यह मॉडल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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