सामूहिक सनातनी 26कन्याओ का विवाह समारोह।

भव्य सनातन समागम एवं 26 कन्याओं का सामूहिक सनातनी विवाह समारोह।

नई दिल्ली :सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण के इस स्वर्णिम काल में एक भव्य एवं ऐतिहासिक सनातन समागम एवं सामूहिक सनातनी विवाह समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह पावन आयोजन 15 जनवरी 2026 को एम टी एन एल ग्राउंड, यमुना विहार, दिल्ली में संपन्न होगा।

इस दिव्य अवसर पर 26 कन्याओं का सामूहिक सनातनी विवाह वैदिक विधि-विधान, भारतीय संस्कारों एवं सनातन परंपराओं के अनुरूप संपन्न किया जाएगा। यह आयोजन समाज में सेवा, संस्कृति और समरसता का सशक्त संदेश देना

यह ऐतिहासिक कार्यक्रम नव ज्योति निष्काम सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित किया जा रहा है। मानव सेवा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत ट्रस्ट ने अब तक 650 से अधिक कन्याओं के सामूहिक सनातनी विवाह का सफल आयोजन कर समाज के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत कर चुका है। नव ज्योति निष्काम सेवा ट्रस्ट प्रत्येक कन्या को विवाह के साथ संपूर्ण घरेलू सामान उपलब्ध कराता है, जिससे कन्याओं का आत्मसम्मान बना रहे और वे स्वाभिमान के साथ अपने दांपत्य जीवन की नई यात्रा आरंभ कर सकें।दिल्ली के ललित होटल में एक प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप से उपस्थित,ट्रस्ट के संरक्षकः हरिकृष्ण गोयल,चेयरमैनः डॉ. बसंत गोयल जो देश-विदेश में विख्यात समाजसेवी हैं।अध्यक्षः महेश सिंघल रहें।


डॉ. बसंत गोयल ने बताया कि आयोजन की तैयारी कई महीने पहले से की जाती है, विवाह के लिए जोड़ों का मिलान, उनकी सभी पहलु से जाँच कर उनको सम्पूर्ण जीवन यापन का सामान भी दिया जाता है,वहीं सभी विवाह पूरी विधि विधान से सम्पन्न होते है। गोयल ने बताया की मेरे जीवन का मूल उद्देश्य मानव सेवा, गौ सेवा, राष्ट्र सेवा, गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाने का संकल्प, तथा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार को सुदृढ़ करना है। उनके नेतृत्व में यह आयोजन समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने वाला एक प्रेरणादायी प्रयास है।

इस महायज स्वरूप आयोजन में देश-विदेश से पधार रहे पूज्य संत-महात्मा, धर्माचार्य, सनातन विचारक, अनेक एम्बेसडर्स, 100 से अधिक सामाजिक एवं धार्मिक संगठन (एनजीओ), समाजसेवी, प्रख्यात हस्तियां तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य प्रतिनिधि अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को गौरवान्वित करेंगे,यह आयोजन केवल एक विवाह समारोह नहीं, बल्कि सनातन मूल्यों की पुनः प्रतिष्ठा संत-समागम की आध्यात्मिक चेतना समाज को जागृत करने का सामूहिक संकल्प
राष्ट्र को संस्कारित करने का सांस्कृतिक महायज का सशक्त प्रतीक है।

सामूहिक सनातनी विवाह यह संदेश देगा कि विवाह केवल व्यक्तिगत संस्कार नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना का माध्यम भी है।

यह आयोजन राष्ट्रव्यापी स्तर पर सनातन चेतना को सुदृढ़ करने, युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने तथा समाज को सकारात्मक एवं संस्कारित दिशा प्रदान करने का कार्य करेगा।

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