
जाने-माने शिक्षाविद, सर्वोच्च न्यायालय के वकील, प्रखर अर्थशास्त्री, लेखक व अनेक सामाजिक संस्थाओं से जुड़े आम आदमी के हक और अधिकारों के लिये लड़ने वाले स्व.डा०ओ०पी० मौर्य.।
जाने-माने शिक्षाविद, सर्वोच्च न्यायालय के वकील, प्रखर अर्थशास्त्री, लेखक व अनेक सामाजिक संस्थाओं से जुड़े आम आदमी के हक और अधिकारों के लिये लड़ने वाले डा० ओ०पी० मौर्य को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। डा० मौर्य का निधन बैन स्ट्रोक के कारण दिनाँक 16-10-2025 को हुआ था। उनकी स्मृति में श्रद्धांजलि सभा, हवन, पूजा एवं शान्ति पाठ आयोजित किया गया। भारी तादाद में उनके साथी, प्रशंसक, लेखक, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक संगठनों के प्रमुखों ने उन्हें पुष्प अर्पित करते हुये भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जी०बी० पन्त पॉलिटेक्नीक के आवासीय परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता श्री गोविन्द स्वरूप चतुर्वेदी, श्री ललित मौर्य, श्री ड़ी०पी० मान, श्री मधुकर शिन्दे, श्री सुनील मित्तल, श्री हेमन्त सवलानिया, श्री ओ०पी० भारती, श्री हवा सिंह, दिल्ली विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष चौ० प्रेमसिंह के दोनों पुत्रों, चौधरी प्रमोद व दिल्ली प्रदेश काँग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव श्री यदुराज चौधरी, सेन्टर फॉर सनातन रिसर्च के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा० रमण त्रिपाठी, उपाध्यक्ष श्री अरूण कुमार गुप्ता, महासचिव श्री लक्ष्मी नारायण शर्मा, राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक पं० सुनील भराला द्वारा नामांकित की गयी मन्त्री श्रीमती मीनू शर्मा, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमन्त्री बहन मायावती के छोटे भाई व ड़ा० मौर्य के सहकर्मी रहे श्री सिद्धार्थ कुमार, पत्रकार एवं चिंतक श्री ओ०पी० महायान, समग्र विकास संघ के अध्यक्ष श्री के०सी० पिप्पल, अखण्ड भारत हिन्दू एवं सिख शरणार्थी संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्री पंकज संन्धु, प्रसिद्ध उद्योगपति श्री के०एल० नैथानी, प्रकाशक रामगोपाल शर्मा, चिकित्सा जगत के ड़ा० यदुलाल, डा० वीरेन्द्र सिंह, श्री बच्चू सिंह, दिल्ली अनुसूचित जाति शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा० एस०पी० गौतम, भा०ज०पा० के वरिष्ठ नेता श्री प्रमोद वर्मा, श्री कपिल शर्मा, श्रम मंत्रालय के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी श्री देशराज, श्री ड़ी०के० जाटव, श्री टी०पी० सिंह, श्री मनोज कुमार, शिक्षा जगत से जुड़े अनके गणमान्य व्यक्ति और अनेकों सामाजिक चिन्तकों ने डा० ओ०पी० मौर्य को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इससे पूर्व शान्ति पाठ में ड़ा० मौर्य के तीनों पुत्रों श्री अरूण श्री कुमार आशुतोष, विश्व प्रकाश, पुत्री विशाखा, पौत्र पुनीत,भावना, कामना, पुत्रवधुओं, ड़ा० मौर्य के छोटे भाई श्री रमेश चन्द्र, श्री सतीश चन्द्र और श्री एम०सी० मौर्य शामिल थे।
समग्र विकास संघ के अध्यक्ष श्री के०सी० पिप्पल ने कहा कि “हमारे हृदय सम्राट डा० ओ०पी० मौर्य हमारी स्मृतियों के बीच हमेशा रहेगें। उनकी पवित्र चेतना को विनम्र आद्रांजलि ।”
दिल्ली विधानसभा में रहे वरिष्ठ अधिकारी श्री एस०के० कण्डारी ने कहा कि “ड़ा० मौर्य एक महान व्यक्त्वि थे। वो विद्वान, निर्भीक लेखक, चिंतक और तपे हुये अधिवक्ता थे। विधायी अध्ययन ब्यूरो के निदेशक के रूप में उन्हें दिल्ली सरकार द्वारा स्थापित डा० बाबा साहेब अम्बेड़कर रत्न अवार्ड से पूर्व लोकसभा के अध्सक्ष श्री सोमनाथ चटर्जी, द्वारा दिल्ली के तत्तकालीन उपराज्यपाल, दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमन्त्री श्रीमति शीला दीक्षित और विधानसभा अध्यक्ष चौ० प्रेमसिंह की उपस्थिति में सम्मानित किया गया था। उनके हृदय में सभी वर्गों के लोगों के लिये प्रेम और सम्मान था।”
सेन्टर फॉर सनातन रिसर्च और ट्राईड़ेन्ट सेवा समिति के अध्यक्ष डा० रमण त्रिपाठी ने कहा कि “ड़ा० मौर्य को सेन्टर फॉर सनातन रिसर्च और ट्राईड़ेन्ट सेवा समिति की ओर से शत्-शत् नमन। ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान कर उनको अपने चरणों में स्थान दें।”
डा० ओ०पी० मौर्य जानेमाने शिक्षाविद्, कुशल अर्थशास्त्री, सुप्रीम कोर्ट के प्रतिष्ठित अधिवक्ता, अनके सामाजिक संगठनों से जुड़े समर्पित एवं कर्मठ व्यक्ति थे। वे अर्थशास्त्र के मर्मस विद्वान थे। उन्होंने अनगिनत लेख, शोध पत्र, लिखे और अनेक पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर छपे। उन्होंने अनके पुस्तकें भी लिखी। वे भारत सरकार के द्वारा गठित “बाबू जगजीवन राम राष्ट्रीय प्रतिष्ठान के पहले संस्थापक सदस्य सचिव थे। वे बाबू जगजीवन समृति समिति और नागरिक विकास परिषद के अध्यक्ष थे। भारत सरकार के श्रम मंत्रालय में वे वरिष्ठ संयुक्त निदेशक पद से सेवानिवृत हुये। तत्पश्चात् दिल्ली विधानसभा के विधायी अध्ययन ब्यूरो के अध्यक्ष रहे। ज्ञात रहे कि डा० ओ०पी मौर्य दिल्ली विधानसभा के 2003 में हुये विधानसभा चुनावों के लिये काँग्रेस के घोषणा पत्र तैयार करने की समिति के सदस्य रह चुके थे

सुपुत्र, लेखक श्री एम.सी.मौर्या
