दिल्ली में विकास के नाम पर बीजेपी की केंद्र और दिल्ली सरकार ने लगातार पेड़ों की कटाई करके दिल्ली में दमघोटु प्रदूषण को फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है-देवेंद्र यादव ।

 अवैध पेड़ो की कटाई, दिल्ली में दमघोटु प्रदूषण को फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है-देवेंद्र यादव ।

बंसी लाल रिपोर्ट:-
द्वारका एक्सप्रेस-वे और यूईआर-2 को विकसित करने में काटे गए पेड़ों के बदले डीडीए ने 2,18,070 पेड़ लगाने की जिम्मेदारी ली थी परंतु उसके आधे ही पेड लगाए, बीजेपी के राज में डीडीए द्वारा इस तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार अगर सामने आऐगा तो लोगों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी कौन लेगा-देवेन्द्र यादव ।

नई दिल्ली, 16 जनवरी, 2026 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने दिल्ली में विकास के नाम पर बीजेपी की केंद्र और दिल्ली सरकार ने लगातार पेड़ों की कटाई करके दिल्ली में प्रदूषण को फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।
श्री देवेंद्र यादव ने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि द्वारका एक्सप्रेस-वे और यूईआर-2 को विकसित करने में काटे गए पेड़ों के बदले डीडीए ने 2,18,070 पेड़ लगाने की जिम्मेदारी ली थी, जिसके लिए नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने डीडीए को 142.87 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान करके दिल्ली के प्रदूषण को कम करने की दिशा में जिम्मेदारी ली थी, लेकिन एनएचएआई और दिल्ली सरकार के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में आधे से भी कम सिर्फ 1,00,613 पेड़ ही लगाने पर गंभीर सवाल उठाया जाना बीजेपी सरकार की प्रदूषण पर ढुल मूल नीति का प्रमाण है ।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि जहां दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और शहरीकरण के कारण पेड़ काटना एक संवेदनशील मुद्दा होने के बावजूद भाजपा की दिल्ली सरकार तक दिल्ली के प्रदूषण को नियंत्रित करने के मददेनजर वृक्षारोपण के लिए प्रभावी रुप से काम नही कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के प्रयासों के लिए ग्रीन कवर बढ़ाना एक स्थाई उपाय है लेकिन दिल्ली में भाजपा के कई इंजन वाली दिल्ली सरकार जहां ग्रीन कवर बढ़ाने में घोषणाओं के अलावा अभी तक कुछ नही कर पाई है। अगर केन्द्र सरकार के अंतर्गत डीडीए दिल्ली में ग्रीन कवर बढ़ाने में ऐसी निष्क्रियता दिखाऐगा, तो दिल्ली में प्रदूषण का कहर हमेशा भरपेगा ।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि द्वारका एक्प्रेसवे के लिए काटे गए हजारों पेड़ां के बदले कंपनसेटरी प्लांटेशन के तहत डीडीए को 153990 पेड़ लगाने का काम 2020 में एनएसएआई ने दिया था, जिसके लिए अग्रिम भुगतान 87.77 करोड़ रुपये भी दिए गए, लेकिन मौके पर जांच के दौरान करीब 75000 पेड़ पाए गए। इसी तरह यूईआर-2 प्रोजेक्ट के लिए 2021 में 64,080 पेड़ लगाने की जिम्मेदारी डीडीए ने ली थी लेकिन जाइंट इस्पेंक्शन में सिर्फ 24887 पेड़ ही पाए गए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में डीडीए द्वारा इस तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार अगर सामने आऐगा तो लोगों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी कौन लेगा।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री ने वन महोत्सव के तहत 3 जुलाई को वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत करके एक पेड़ मां के नाम के तहत 70 लाख पेड़ लगाने की शुरुआत की, जिसके तहत प्रत्येक विधानसभा में एक लाख पौधे लगाने थे, लेकिन उदघाटन समारोह में इवेंट मेनेजमेंट का दिखावा करने के बाद वृक्षारोपण अभियान बंद पड़ा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए प्रदूषण को नियंत्रित करना मौजूदा सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता प्रदूषण नियंत्रण पर अभी तक कोई ठोस कदम उठाने में नाकाम साबित हुई है, फिर चाहे ग्रीन कवर बढ़ाने की ही बात  ही क्यों न हो।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली रिज क्षेत्र में 1.65 लाख पेड़ों से जुड़े मामल में सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए से अनुपालन की रिपोर्ट मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने रिज क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और पौधारोपण पर भी सवाल उठाए है क्योंकि दिल्ली में रिज क्षेत्र में पेड़ों की कटाई दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण लिए बड़ा कारण सिद्ध हो रही है।

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