
● 184 डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप के ज़रिए, Samsung ने हज़ारों छात्रों तक पहुँच बनाई — जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु और गुजरात से लेकर त्रिपुरा तक।
● अब यह प्रोग्राम अपने अगले चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसमें सबमिट किए गए आइडिया के आधार पर टॉप 100 टीमों को चुना जाएगा।
● टॉप चार टीमों को FITT-IIT दिल्ली से 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट, मेंटरशिप और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट में मदद मिलेगी।
गुरुग्राम, भारत – July 21, 2026: अपने मुख्य CSR प्रोग्राम ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के पांचवें एडिशन के तहत, Samsung इंडिया ने देश भर के 135 शहरों में अपनी ‘डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ आयोजित की हैं, जिससे युवाओं के लिए भारत का सबसे बड़ा ग्रासरूट इनोवेशन प्लेटफॉर्म तैयार हुआ है।
‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ (Samsung Solve for Tomorrow) एक देशव्यापी इनोवेशन और एजुकेशन कॉम्पिटिशन है। यह 14 से 22 साल के युवाओं को अपने समुदायों की अहम चुनौतियों की पहचान करने और डिज़ाइन थिंकिंग, मेंटरशिप और इनक्यूबेशन के ज़रिए टेक्नोलॉजी-बेस्ड समाधान विकसित करने के लिए सशक्त बनाता है। समय के साथ, यह प्रोग्राम भारत की अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स, एंटरप्रेन्योर्स और सोशल चेंजमेकर्स के लिए एक लॉन्चपैड बन गया है।
इस साल, Samsung ने 184 ‘डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ आयोजित कीं, जिनमें जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु और गुजरात से लेकर त्रिपुरा तक के स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के हज़ारों छात्र शामिल हुए। इन वर्कशॉप्स में प्रतिभागियों को ‘ह्यूमन-सेंटर्ड डिज़ाइन थिंकिंग’ (लोगों की ज़रूरतों पर आधारित डिज़ाइन सोच) से परिचित कराया गया, ताकि वे टेक्नोलॉजी पर आधारित ऐसे समाधान बनाने से पहले असल दुनिया की समस्याओं को समझ सकें, जिनका समाज पर सार्थक प्रभाव पड़े।
डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप्स के पूरे होने के बाद, ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ अब अपने अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। इस चरण में, प्रतिभागियों द्वारा जमा किए गए आइडियाज़ के आधार पर टॉप 100 टीमों को चुना जाएगा, जो आगे चलकर मेंटरशिप, एक्सपर्ट गाइडेंस और और ज़्यादा मूल्यांकन की प्रक्रिया से गुज़रेंगी।
“हर बड़ी कामयाबी की शुरुआत सुनने, देखने और सही सवाल पूछने से होती है। ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के ज़रिए, हम पूरे भारत के युवाओं में ऐसी सोच विकसित करने में मदद कर रहे हैं, जिसमें वे टेक्नोलॉजी के साथ ‘डिज़ाइन थिंकिंग’ का इस्तेमाल करके अपने समुदायों की अहम चुनौतियों का समाधान कर सकें। इस प्रोग्राम के पांचवें साल में, देश के हर कोने से नए और अनोखे आइडिया सामने आते देखना बहुत प्रेरणादायक है। हमारा मानना है कि अगली पीढ़ी के उद्यमी और प्रौद्योगिकी के नेता देश के किसी भी कोने से उभर सकते हैं। Samsung को इस बात पर गर्व है कि वह उनके आइडिया को असल दुनिया में बदलाव लाने वाले समाधानों में बदलने में उनकी मदद कर रहा है,” Samsung साउथवेस्ट एशिया के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट, एसपी चुन ने कहा।
छात्रों के विचारों में जो विविधता दिखी, वह खुद भारत की विविधता को दर्शाती थी। डिज़ाइन थिंकिंग की व्यवस्थित एक्सरसाइज़ के ज़रिए, छात्रों ने प्रोग्राम की चार थीम — भारत के लिए AI लिविंग, स्वास्थ्य और शिक्षा, पर्यावरण की स्थिरता, और खेल और टेक्नोलॉजी — के अनुसार चीज़ों को देखना, दूसरों की भावनाओं को समझना, चुनौतियों को परिभाषित करना, नए विचार सोचना और समाधानों के प्रोटोटाइप बनाना सीखा।
छात्रों ने AI-आधारित सिविक गवर्नेस प्लेटफ़ॉर्म, स्मार्ट फ़ूड क्वालिटी स्कैनर, दिव्यांग लोगों के लिए सहायक तकनीकें, ग्रामीण समुदायों के लिए पोर्टेबल सोलर-पावर्ड रेफ्रिजरेशन, नदियों के पानी की क्वालिटी की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करने वाले सिस्टम और ऐसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का प्रस्ताव दिया, जिनसे स्पोर्ट्स कोचिंग और उपकरण ज़्यादा आसानी से मिल सकें।
हैदराबाद में, इंजीनियरिंग की छात्रा ए. शरण्या राव ने बहुत छोटे प्रदूषकों से होने वाले छिपे हुए खतरों को देखने के बाद, नदी के पानी की क्वालिटी पर नज़र रखने वाले एक रियल-टाइम सिस्टम का कॉन्सेप्ट तैयार किया। उन्होंने कहा, “हमारी नदियों में असली खतरा वह प्लास्टिक नहीं है जो हमें दिखाई देता है; बल्कि वे बहुत छोटे प्रदूषक हैं जो तब तक छिपे रहते हैं जब तक कि नुकसान हो नहीं जाता।”
अहमदाबाद में, नौवीं कक्षा की छात्रा सान्वी नायर ने ग्रामीण इलाकों में खाना और पानी स्टोर करने की चुनौतियों से निपटने के लिए सोलर-पावर्ड पोर्टेबल रेफ्रिजरेटर डिज़ाइन किया। उन्होंने कहा, “गाँवों में मज़दूरों और किसानों को अक्सर अनाज, पानी और खाना स्टोर करने में मुश्किल होती है।”
गुरुग्राम में स्पोर्ट्स और टेक वर्कशॉप में हिस्सा लेने वाले छात्रों ने स्पोर्ट्स के सामान और डिजिटल कोचिंग तक पहुँच बेहतर बनाने के सस्ते तरीकों पर भी चर्चा की और दिखाया कि कैसे टेक्नोलॉजी स्पोर्ट्स को ज़्यादा समावेशी बना सकती है।
भारत में Samsung के 30 साल पूरे होने के मौके पर, ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ का लगातार विस्तार भारत के युवाओं में इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और समस्याओं को सुलझाने की क्षमता को बढ़ावा देने के प्रति कंपनी की लंबे समय की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ की टॉप चार टीमों को 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगा। साथ ही, उन्हें FITT-IIT दिल्ली से मेंटरशिप, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट और इनक्यूबेशन सपोर्ट भी मिलेगा, जिससे वे अपने बेहतरीन आइडियाज़ को असल दुनिया में असरदार इनोवेशन में बदल सकेंगी।

