
नई दिल्ली, 21 मई 2026: ग्लोबल एक्सेसिबिलिटी अवेयरनेस डे (GAAD) 2026 के अवसर पर, इन्क्लूसिव दिव्यांगजन एंटरप्रेन्योर एसोसिएशन (IDEA) ने अपने प्रमुख अभियान सुगम्य दिल्ली अभियान के तहत, मुख्य आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय (CCPD) और दिल्ली सरकार के सहयोग से एक महत्वपूर्ण एक्सेसिबिलिटी रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में पिछले वर्ष अभियान की शुरुआत के बाद से हुई प्रगति को प्रस्तुत किया गया।
यह पहल वर्ष 2025 में शुरू किए गए सुगम्य दिल्ली अभियान की निरंतरता है, जिसके अंतर्गत 500 से अधिक स्वयंसेवकों, एक्सेसिबिलिटी विशेषज्ञों और हितधारकों की भागीदारी से 70 से अधिक सार्वजनिक स्थलों का सर्वेक्षण किया गया था। इस अभियान ने न केवल एक्सेसिबिलिटी से जुड़ी चुनौतियों की पहचान की, बल्कि कई प्रतिष्ठित संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर दिव्यांगजन अनुकूल बुनियादी ढांचे के विकास में भी योगदान दिया। इनमें राष्ट्रपति भवन, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), पटियाला हाउस कोर्ट, ताज पैलेस और मौसम भवन जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं।

इस अवसर पर IDEA के संस्थापक एवं CEO श्री मल्लिकार्जुन इथा ने कहा
“एक्सेसिबिलिटी अब केवल कल्याण का विषय नहीं है, बल्कि यह सुशासन, अर्थव्यवस्था, गरिमा और समान नागरिकता का प्रश्न है। भारत के शहरों को समावेशी व्यवस्था के लिए अपने सिस्टम को पुनः डिज़ाइन करना होगा। सुगम्य दिल्ली अभियान एक नागरिक-सरकार आंदोलन के रूप में दिल्ली को वैश्विक एक्सेसिबिलिटी मानक बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। आज Accessible Hospitals और Accessible Hotels पर तीन वर्किंग पेपर्स भी जारी किए गए हैं, जो दिल्ली को दुनिया की सबसे सुलभ राजधानी बनाने में सहायक होंगे।”
दिव्यांगजन आयुक्त एस. गोविंदराज ने कहा:
“सभी विभागों में एक्सेसिबिलिटी को मापनीय प्रशासनिक प्राथमिकता बनाना होगा। पिछले एक वर्ष में दिल्ली ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। हमारा लक्ष्य है कि हर सार्वजनिक स्थान, सरकारी कार्यालय और सेवा प्रणाली समावेशी और बाधा-मुक्त बने।”
GAAD 2026 कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सांसद, शहरी योजनाकार, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, एक्सेसिबिलिटी विशेषज्ञ, दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ता, स्टार्टअप्स और नागरिक समूह शामिल हुए, जिन्होंने दिल्ली को भारत के अग्रणी सुलभ शहरों में बदलने की दिशा में अपने विचार साझा किए।
दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री आशीष सूद ने कहा:
“दिल्ली सरकार एक ऐसी राजधानी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो हर नागरिक के लिए समावेशी, सुलभ और सम्मानजनक हो। एक्सेसिबिलिटी केवल इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान शासन का आधार है। हम बाधा-मुक्त सार्वजनिक ढांचे, सुलभ परिवहन और नागरिक केंद्रित प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।”
पिछले एक वर्ष में दिल्ली सरकार ने स्कूलों और सार्वजनिक भवनों में दिव्यांगजन अनुकूल ढांचे, सुगम्य सहायक योजना के तहत सहायक उपकरणों के विस्तार तथा वित्तीय सहायता कार्यक्रमों सहित कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण “मिशन एक्सेसिबल चांदनी चौक” की घोषणा रही, जिसके तहत चांदनी चौक को देश के पहले समावेशी और सुलभ बाजार क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस पहल में सुलभ मार्ग, टैक्टाइल नेविगेशन सिस्टम, समावेशी सार्वजनिक सुविधाएं और व्यवसायिक ढांचे के पुनः डिज़ाइन पर कार्य किया जाएगा।
चांदनी चौक से सांसद श्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा:
“चांदनी चौक भारत की विरासत और व्यापार का प्रतीक है। हम इसे सुलभ पर्यटन, समावेशी व्यापार और सार्वजनिक ढांचे का मॉडल बनाना चाहते हैं। एक्सेसिबिलिटी को शहरी योजना और नागरिक गौरव का हिस्सा बनना चाहिए।”
सुगम्य दिल्ली अभियान की संयोजक डॉ. मल्लिका नड्डा ने कहा:
“एक्सेसिबिलिटी को हमारे शहरों, व्यवस्थाओं और दैनिक जीवन का सामूहिक संकल्प बनना होगा। सरकार, उद्योग, नागरिक समाज और आम नागरिकों की साझेदारी से सार्थक परिवर्तन संभव है। समावेशी इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार ही ऐसे भविष्य का निर्माण करेंगे, जहाँ हर व्यक्ति सम्मान, स्वतंत्रता और समान अवसर के साथ जीवन जी सके।”
दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री रविंद्र सिंह (इंद्राज) ने कहा:
“सुलभ दिल्ली केवल दिव्यांगजनों के लिए नहीं, बल्कि हर नागरिक के सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर का दृष्टिकोण है। समावेशी बुनियादी ढांचे और चांदनी चौक को सुलभ मॉडल क्षेत्र बनाने जैसी पहलों के माध्यम से हम एक्सेसिबिलिटी को जन आंदोलन बनाना चाहते हैं।”
इस कार्यक्रम में “ACCESS DASH” नामक एक अभिनव कार्ड गेम भी लॉन्च किया गया, जिसका उद्देश्य अनुकूलित गेमिंग अनुभवों के माध्यम से दिव्यांगजनों के लिए समावेशी मनोरंजन और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।
IDEA ने इस अवसर पर “भारत एबिलिटी मिशन (BHARATAM)” नामक एक राष्ट्रीय मंच की भी घोषणा की, जिसका उद्देश्य एक्सेसिबिलिटी, सहायक तकनीक, समावेशी उद्यमिता, कौशल विकास और सुलभ शहरी विकास के लिए देशव्यापी सहयोगी आंदोलन तैयार करना है।
कार्यक्रम में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन, अनिवार्य एक्सेसिबिलिटी ऑडिट, यूनिवर्सल डिज़ाइन मानकों को अपनाने तथा सरकार, उद्योग और नागरिक समाज के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया।
दिल्ली आज विभिन्न एक्सेसिबिलिटी अभियानों और संस्थागत साझेदारियों के माध्यम से भारत में एक अग्रणी शहरी समावेशन मॉडल के रूप में उभर रही है, जो शासन, बुनियादी ढांचे, उद्योग भागीदारी और नागरिक सहयोग को जोड़ते हुए अधिक समावेशी भविष्य का निर्माण कर रही है।

