कुलवंत कौर की रिपोर्ट :-

गुरुग्राम, 2 जून, 2026 – मणिपाल हॉस्पिटल गुरुग्राम में हरियाणा का पहला रोबोट-असिस्टेड सेरेमिक टोटल नी रिप्लेसमेंट सफलतापूर्वक किया गया, जो जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। यह सर्जरी 54 वर्षीय महिला पर की गई, जो एडवांस्ड ऑस्टियोआर्थराइटिस, मोटापे तथा गिरने के कारण हुई एंटीरियर क्रूशिएट लिगामेंट (ACL) और मेनिस्कस की पुरानी चोट से उत्पन्न जटिलताओं से पीड़ित थीं।
चोट के कारण घुटने की प्राकृतिक संरचना बिगड़ गई थी, कार्टिलेज तेजी से घिसने लगा था और महिला को एडवांस्ड आर्थराईटिस हो गया था। मोटापे ने उनकी स्थिति को और अधिक गंभीर कर दिया था, जिसके कारण क्षतिग्रस्त जोड़ पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता था। इसलिए उन्हें चलने-फिरने में बहुत दर्द होता था, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा था। मरीज की स्थिति को देखते हुए मणिपाल हॉस्पिटल में डॉ. संजय कपूर, कंसल्टैंट – रोबोटिक जॉईंट रिप्लेसमेंट एवं ऑर्थोपीडिक सर्जरी ने उन्हें रोबोट -असिस्टेड सर्जरी द्वारा नैक्स्ट-जनरेशन सेरेमिक नी इंप्लांट कराने का परामर्श दिया, ताकि उनके घुटने को ठीक करके उसे लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सके।
डॉ. संजय कपूर, कंसल्टैंट – रोबोटिक जॉईंट रिप्लेसमेंट एवं ऑर्थोपीडिक सर्जरी, मणिपाल हॉस्पिटल गुरुग्राम ने कहा, ‘‘यह एक चुनौतीपूर्ण मामला था क्योंकि मरीज की उम्र बहुत ज्यादा नहीं थी, उन्हें मोटापे की समस्या थी और पिछली एसीएल एवं मेनिस्कल चोट के कारण हालत और अधिक बिगड़ गई थी। हमारा उद्देश्य केवल मरीज को दर्द से आराम दिलाना नहीं था, बल्कि एक ऐसा समाधान देना था, जो उनकी जीवनशैली में मदद करते हुए लंबे समय तक भरोसेमंद तरीके से काम कर सके। रोबोट-असिस्टेड सर्जरी की मदद से हम इंप्लांट को असाधारण सटीकता के साथ लगा पाए और सॉफ्ट टिश्यू के साथ संतुलन बना पाए। वहीं सेरेमिक इंप्लांट ने एक बहुत टिकाऊ और वियर-रज़िस्टैंट समाधान प्रदान किया। इन दोनों की मदद से मरीज को व्यक्तिगत इलाज प्राप्त हुआ और उनके जीवन में काफी सुधार आया।’’

रोबोटिक सेरेमिक टोटल नी रिप्लेसमेंट नैक्स्ट जनरेशन का जॉईंट रिप्लेसमेंट है, जिसमें एडवांस्ड सेरेमिक इंप्लांट टेक्नोलॉजी के साथ सबमिलीमीटर लेवल का रोबोटिक प्रेसिज़न होता है। इस तरीके से बेहतर एलाईनमेंट एक्युरेसी, तेज रिहैबिलिटेशन, कम सूजन, और मरीज को ज्यादा आरामदायक इलाज जैसे लाभ मिलते हैं, साथ ही मैटल आयन निकलने की चिंता भी खत्म हो जाती है। सेरेमिक इंप्लांट वियर-रज़िस्टैंट होता है और तीन दशकों से अधिक समय तक चलता है, इसलिए यह नी रिप्लेसमेंट के लिए एक टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार समाधान है।
मणिपाल हॉस्पिटल गुरुग्राम के हॉस्पिटल डायरेक्टर, नवीन पास्कल ने कहा, ‘‘मेडिकल इनोवेशन का असली महत्व तब है, जब इससे लोगों को ऐसा जीवन जीने में मदद मिले, जैसा वो चाहते हैं। मणिपाल हॉस्पिटल्स में हम मरीजों को दुनिया की सबसे आधुनिक टेक्नोलॉजी और क्लिनिकल विशेषज्ञता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हरियाणा की पहली रोबोट-असिस्टेड सेरेमिक टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी हमारी इस प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है और ऑर्थोपीडिक केयर के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। रोबोटिक प्रेसिज़न को नैक्स्ट जनरेशन की इंप्लांट टेक्नोलॉजी के साथ जोड़कर हम मरीजों को व्यक्तिगत इलाज प्रदान कर सकते हैं, जिससे उनकी तत्कालिक क्लिनिकल जरूरतें पूरी हों और वो लंबे समय तक चलने-फिरने में समर्थ बनकर एक बेहतर जीवन जी सकें।’’
सर्जरी के बाद मरीज के स्वास्थ्य में अच्छा सुधार हुआ। डॉक्टरों को उम्मीद है कि अपनी मोबिलिटी वापस पाने के बाद वो जल्द ही दैनिक गतिविधियाँ ज्यादा आत्मविश्वास और स्वतंत्रता के साथ शुरू कर देंगी।

