
बनचारी–धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिकमास के अवसर पर चल रही ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में परिक्रमा करने वालो को 84 लाख योनियों से मुक्ति दिलाती है। इसी परिक्रमा में पलवल डोनर्स क्लब ज्योतिपुंज ने ग्राम बंनचारी में परिक्रमा मार्ग पर छबील लगाकर मीठा जल वितरीत करने के साथ बिस्कुट भी वितरीत किये।
क्लब के मुख्य संयोजक आर्यवीर लाॅयन डा. विकास मित्तल ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह परिक्रमा 84 लाख योनियों से मुक्ति दिलाती है। इसी आस्था के कारण देश के विभिन्न राज्यों से लोग ब्रज पहुंच रहे हैं।यह परिक्रमा मार्ग मथुरा, राजस्थान और हरियाणा से होकर गुजरता है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थल शामिल हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि इन स्थलों के दर्शन से अनेक तीर्थों के समान पुण्य प्राप्त होता है। इसे चार धाम यात्रा के समान भी माना जाता है, जहाँ परिक्रमार्थियों को यमुना नदी के दो बार और केदारनाथ-बद्रीनाथ के प्रतीक स्वरूप दर्शन का अवसर मिलता है। क्लब की सहसंयोजक अल्पना मित्तल ने भी जानकारी देते हुए बताया कि अधिकमास में ब्रज को सभी देवी-देवताओं का वास स्थान माना जाता है। इसलिए, इस दौरान ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा करने से सभी देवताओं के दर्शन का पुण्य प्राप्त होता है।

परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं की सेवा के लिए स्थानीय निवासी भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने भी इस व्यवस्था को अत्यंत उपयोगी और पुण्यकारी बताते हुए आयोजकों के प्रयासों की प्रशंसा की है।
इस सेवा कार्य में मोहन सिंह,सीमा देवी, आकाश, अभय, दीपक अजय राहुल, लवी, राजीव, हरिशंकर, रुद्र, विकल्प आदि सक्रिय रूप से शामिल रहे।

