वॉकथॉन फॉर वेलनेसः अदायु और आईएमए गुरुग्राम ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर तंबाकू मुक्त जीवन को दिया बढ़ावा।

गुरुग्राम, 31 मई, 2026: विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर, फोर्टिस हेल्थकेयर के तहत् कार्यरत साइकेट्री एवं डी-एडिक्शन हॉस्पीटल अदायु ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), गुरुग्राम के साथ मिलकर एक वॉकथॉन का आयोजन किया जिसके जरिए आम जन को मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक बनाया गया। इस वॉकथॉन में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े 80 से भी अधिक लोगों ने हिस्सा लिया जिनमें डॉक्टर, मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर ओर स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे।
40-मिनट की वॉकथॉन अदायु से आरंभ हुई और वहीं समाप्त हुई, तथा इसका मकसद सेहतमंद जीवनशैली की आदतों को बढ़ावा देना और बेहतर शारीरिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए तंबाकू-मुक्त जीवन को प्रोत्साहन देना था। भारत में तंबाकू का नशा इस हद तक बढ़ चुका है कि यह पब्लिक हेल्थ के लिए संकट बन चुका है जिसके कारण हर साल करीब 1.35 मिलियन लोगों की जानें जाती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, तंबाकू के कारण कैंसर, हृदय रोग और सांसों की समस्याओं के अलावा मनावैज्ञनिक विकार, नींद संबंधी परेशानियां और कॉग्निटव हेल्थ में गिरावट जैसी समस्याएं पेश आती हैं।
डॉ मंतोष कुमार, चीफ ऑफ क्लीनिकल सर्विसेज़, अदायु ने कहा, “तंबाकू का नशा न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या भी है। बहुत से लोग तंबाकू को तनाव, चिंता और भावनात्मक चुनौतियों से निपटने के आसान विकल्प की तरह से भी देखते हैं, और यह भूल जाते हैं कि इसके दीर्घकालिक मनोवैज्ञानिक तथा शारीरिक
प्रभाव होते हैं। इस वॉकथॉन के माध्यम से, हम यह संदेश देना चाहते हैं कि तंबाकू सेवन का त्याग करना वास्तव में, भावनात्मक सेहित हासिल करने की दिशा में बढ़ाया जाने वाला पहला कदम है जो अधिक सेहतमंद लाइफ क्वालिटी का आधार है। अदायु में ऐसे डॉक्टरों की विशेष टीम उपलब्ध है जो मादक द्रव्य पदार्थों की लत का इलाज करने और नशामुक्ति में विशेषज्ञता प्राप्त हैं।”

डॉ राजेश कटारिया, अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, गुरुग्राम और डॉ विनीता यादव, सचिव, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कहा, “यह स्वीकार किया जाना चाहिए कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक की तरह काम करता है, जो हमें यह याद दिलाता है कि धूम्रपान केवल एक आदत नहीं है, बल्कि हमारी जिंदगी का अहम् हिस्सा बन जाता है जिसे बदला जाना जरूरी है क्योंकि इसके गंभीर परिणाम होते हैं। स्वास्थ्य पर धूमपान के खतरनाक प्रभावों के बारे में हम सभी जानते हैं, लेकिन साथ ही, निकोटिन के सेवन और नशे के भावनात्मक, मानसिक और यहां तक कि सामाजिक प्रभावों का भी आकलन करना जरूरी है। इस पहल ने सर्वांगीण मानसिक स्वास्थ्य के लिए अदायु और आईएमए गुरुग्राम की प्रतिबद्धता दर्शाने के साथ-साथ नशाखोरी के स्वास्थ्य एवं व्यवहार पर पड़ने वाले असर की ओर भी ध्यान दिलाया है और प्रीवेंटिव हेल्थकेयर की आदतों को प्रोत्साहित किया है।”

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