
फिल्म इंडस्ट्री हमेशा भीड़भाड़ और तेज़ रफ्तार से भरी रहती है, जहां लगातार सफलता बनाए रखना आसान नहीं होता। ऐसे में मुंबई फिल्म कंपनी का अपने काम में स्थिरता और निरंतरता बनाए रखना काबिले तारीफ है।
रितेश देशमुख और जिनिलीया देशमुख द्वारा स्थापित इस प्रोडक्शन हाउस ने कम समय में ही अपनी एक अलग पहचान बना ली है। ‘बालक पालक’ जैसी फिल्मों से शुरुआत करते हुए, कंपनी ने हमेशा ऐसी कहानियों को चुना जो ज़मीन से जुड़ी हों और लोगों की जिंदगी से मेल खाती हों। उनका मकसद साफ रहा है ऐसी कहानियां पेश करना जो स्थानीय संस्कृति को दर्शाएं, लेकिन बड़े दर्शकों तक भी आसानी से पहुंच सकें।
यह सोच ‘लई भारी’ और ‘वेड’ जैसी फिल्मों में साफ नजर आई, जो न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुईं, बल्कि मराठी सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में भी शामिल हुईं। इन फिल्मों ने यह भी दिखाया कि दर्शकों को ऐसी कहानियां पसंद आती हैं जो अपनी जड़ों से जुड़ी हों, लेकिन बड़े स्तर पर पेश की जाएं।
सिर्फ व्यावसायिक फिल्मों तक सीमित न रहते हुए, कंपनी ने ‘येलो’ जैसी गंभीर और सोचने पर मजबूर करने वाली फिल्म भी बनाई, जिसे नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इससे यह साबित होता है कि मुंबई फिल्म कंपनी मनोरंजन के साथ-साथ सार्थक सिनेमा पर भी उतना ही ध्यान देती है।
अब उनकी नई फिल्म ‘राजा शिवाजी’ इस सफर को एक नए मुकाम पर ले जाती है। बड़े पैमाने पर बनी और कई भाषाओं में रिलीज़ हुई इस फिल्म ने न सिर्फ कंपनी के लिए, बल्कि पूरे मराठी सिनेमा के लिए एक नया अध्याय लिखा है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार ओपनिंग दर्ज करते हुए नए रिकॉर्ड बनाए हैं।
यह फिल्म इस बात का उदाहरण है कि स्थानीय कहानियां भी बड़े स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं और दूर-दूर तक असर छोड़ सकती हैं।
मुंबई फिल्म कंपनी की फिल्मों की सबसे खास बात उनकी ताजगी है। उनकी कहानियां नई सोच के साथ आती हैं, लेकिन दर्शकों से जुड़ी रहती हैं। चाहे कहानी अतीत की हो या वर्तमान की, उसमें एक भावनात्मक जुड़ाव जरूर होता है, जो लोगों को आकर्षित करता है।
लगातार मिल रही सफलता के साथ, मुंबई फिल्म कंपनी अब सिर्फ हिट फिल्में नहीं दे रही, बल्कि एक मजबूत और लंबे समय तक टिकने वाली पहचान बना रही है।
‘राजा शिवाजी’ में हिंदी और मराठी सिनेमा के कई बड़े कलाकार नजर आते हैं, जिनमें संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, विद्या बालन, महेश मांजरेकर, सचिन खेडेकर, बोमन ईरानी, भाग्यश्री, फरदीन खान, जितेंद्र जोशी, अमोल गुप्ते और जिनिलीया देशमुख शामिल हैं। रितेश देशमुख इस फिल्म में न सिर्फ मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, बल्कि पर्दे के पीछे भी इसकी कमान संभाल रहे हैं।

