विशेष बैठक में सरना द्वारा पैसे देकर सदस्य खरीदने और अपशब्दों की शिकायत जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब से करने का फैसला: कालका, काहलों

दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी की विशेष बैठक में परमजीत सिंह सरना, हरविंदर सिंह सरना और मनजीत सिंह जी.के. की सदस्यता खत्म करने के पिछले फैसले पर पक्की मुहर

नई दिल्ली, 25 अप्रैल:

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की आज प्रधान सरदार हरमीत सिंह कालका और जनरल सेक्रेटरी सरदार जगदीप सिंह काहलों की अगुवाई में हुई विशेष बैठक में एक बार फिर 25 अक्टूबर 2025 के उस फैसले की पुष्टि करते हुए जिसमें पूर्व प्रधान परमजीत सिंह सरना, हरविंदर सिंह सरना और मनजीत सिंह जी.के. की सदस्यता रद्द की गई थी पर पक्की मोहर लगा दी गई।

आज विशेष बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सरदार हरमीत सिंह कालका और सरदार जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि इस विशेष बैठक का एजेंडा 15 दिन पहले सभी सदस्यों को भेज दिया गया था। उन्होंने बताया कि आज की बैठक में 38 सदस्यों ने भाग लिया, जिन्होंने 25 अक्टूबर 2025 के फैसले को दोबारा मंजूरी देते हुए उस पर पक्की मुहर लगा दी, जिसके तहत इन तीनों नेताओं की सदस्यता समाप्त की गई थी।

उन्होंने बताया कि 25 अक्टूबर 2025 की बैठक में भी सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर इन तीनों नेताओं की सदस्यता खत्म की थी और आज उसी फैसले को फिर दोहराया गया है। उन्होंने कहा कि सरना भाइयों और मनजीत सिंह जी.के. ने दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी एक्ट का उल्लंघन करते हुए अपने पारिवारिक सदस्यों की कंपनियों के नाम पर कमेटी के साथ वित्तीय लेनदेन किया, जो नियमों के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि पंजाब स्टील, जो सरना भाइयों की कंपनी है, तथा मनजीत सिंह जी.के. की बेटी के नाम वाली कंपनी रैंबी क्लोथिंग के साथ लेनदेन किया गया, जो दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी एक्ट का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि एक्ट में स्पष्ट लिखा है कि पारिवारिक सदस्यों की कंपनियों के साथ किसी भी प्रकार का लेनदेन नहीं हो सकता, लेकिन इसके बावजूद ऐसा किया गया।

पत्रकारों के सवालों के जवाब में सरदार कालका और सरदार काहलों ने कहा कि मनजीत सिंह जी.के. ने किताबों के नाम पर भी बिल लगाए हैं और 1 लाख डॉलर भी गायब किया है। उन्होंने कहा कि इन आरोपों पर उन्हें संगत को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोपों का जवाब देने की बजाय मनजीत सिंह जी.के. और सरना भाई इधर-उधर की दलीलें दे रहे हैं, जो गलत है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने सरना भाइयों और जी.के. को उनके खिलाफ लगे आरोपों पर अपना पक्ष रखने के लिए दो बार मौका दिया था। आज की बैठक में भी इन्हें बुलाया गया था, लेकिन इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, जिससे साबित होता है कि आरोप सही हैं।

एक अन्य सवाल के जवाब में सरदार कालका और सरदार काहलों ने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी का हर सदस्य छठे पातशाह श्री हरगोबिंद साहिब जी के तख्त श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित है और तख्त पर विराजमान जत्थेदार साहिब को जवाबदेह है। उन्होंने कहा कि हम जत्थेदार साहिब का दिल से सम्मान करते हैं और उनके हर दिशा-निर्देश का पालन करते हैं।

उन्होंने कहा कि समय-समय पर हमारी बातचीत जत्थेदार साहिब से होती रहती है और हम हमेशा उनके हुक्म को सिर माथे मानते हैं। उन्होंने कहा कि आज विशेष बैठक में जो भी फैसला हुआ है, उसके बारे में 11 सदस्यीय कमेटी बनाकर श्री अकाल तख्त साहिब भेजी जाएगी, जो जत्थेदार साहिब को इन फैसलों और संगत की भावना से अवगत कराएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि मनजीत सिंह जी.के. के खिलाफ दर्ज तीन एफआईआर हैं और उनमें चार्जशीट भी दाखिल है, जिसके चलते माननीय कोर्ट ने उन्हें देश छोड़ने पर रोक लगाने के आदेश दिए हुए हैं।

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