
नई दिल्ली, 25 मार्च 2026.
आज श्रीलंका के 19 सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने “नागरिक सेवाओं से संबंधित मुद्दों” विषय पर ज्ञान-साझाकरण के उद्देश्य से नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) का दौरा किया। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व श्रीलंका संसद के माननीय सदस्य एवं इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक मुद्दों की निगरानी समिति के सदस्य – श्री असिथा निरोशाना एगोडा विथाना ने किया।

इस सत्र के दौरान एनडीएमसी के अध्यक्ष – श्री केशव चंद्रा ने एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने सतत शहरी विकास और आधुनिक नागरिक प्रशासन के लिए एनडीएमसी के एकीकृत दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया, जिससे नई दिल्ली को स्मार्ट सिटी में परिवर्तित किया जा रहा है। उन्होंने उन प्रमुख पहलों को भी रेखांकित किया, जिनके कारण नई दिल्ली देश की सबसे स्वच्छ, हरित और नागरिक-अनुकूल राजधानी शहरों में शामिल हो गई है। उन्होंने पालिका परिषद के राजस्व मॉडल की भी व्याख्या की, जिसमें विभिन्न प्रकार के कर, शुल्क और अन्य राजस्व स्रोत शामिल हैं। अपने संबोधन में उन्होंने बिजली, पानी, सीवरेज, सड़कें, हरित क्षेत्र आदि नागरिक सेवाओं के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।

इस अवसर पर एनडीएमसी के सचिव – श्री राहुल सिंह ने एक लघु फिल्म प्रस्तुति के माध्यम से वर्ष 2016 में शुरू किए गए स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत किए गए दूरदर्शी प्रयासों से एनडीएमसी क्षेत्र के मॉडल स्मार्ट सिटी में हुए उल्लेखनीय परिवर्तन को प्रदर्शित किया। उन्होंने बताया कि इस मिशन का उद्देश्य एनडीएमसी क्षेत्र को एक सतत, नागरिक-अनुकूल, उच्च गुणवत्ता वाला और डिजिटल रूप से सशक्त शहरी क्षेत्र बनाना है। प्रस्तुति में सौर ऊर्जा प्रणालियों को बढ़ावा, स्मार्ट पार्किंग एवं बुद्धिमानपूर्ण परिवहन समाधान, एनडीएमसी 311 ऐप के माध्यम से ई-गवर्नेंस सेवाओं को मजबूत करना, स्मार्ट यूटिलिटी मीटर की स्थापना तथा कुशल और रियल-टाइम शहरी प्रबंधन हेतु एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर की स्थापना जैसे प्रमुख परियोजनाओं को दर्शाया गया, जिससे पारदर्शिता, सेवा वितरण और जीवन स्तर में सुधार हुआ है।

पालिका परिषद की जनस्वास्थ्य अधिकारी – डॉ. शकुंतला श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत स्वच्छता पहलों में यांत्रिक सफाई, रात्रिकालीन सफाई अभियान, वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्रोत पर कचरा पृथक्करण और आरआरआर (कूड़ा कम करना, पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण) मॉडल जैसी पहलें शामिल थीं। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को सामुदायिक सहभागिता पर आधारित अनुपम कॉलोनियों के विकास, व्यापक बागवानी और हरित क्षेत्र विस्तार, वायु प्रदूषण से निपटने के लिए बिजली के खंभों पर मिस्ट स्प्रेयर की स्थापना तथा ई-वेस्ट के वैज्ञानिक निपटान के बारे में भी जानकारी दी।
प्रतिनिधिमंडल ने एनडीएमसी के एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का भी दौरा किया, जहां आईसीसीसी के प्रभारी ने एक प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि परिषद ने मजबूत ई-गवर्नेंस और एम-गवर्नेंस प्रणालियों के जरिए सार्वजनिक सेवा वितरण में कैसे परिवर्तन किया है। 49 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होने और एनडीएमसी 311 मोबाइल ऐप के माध्यम से नागरिकों की सहभागिता को सहज बनाने के कारण परिषद ने एक पारदर्शी, जवाबदेह और कुशल डिजिटल तंत्र विकसित किया है।
श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल ने एनडीएमसी अधिकारियों के साथ नागरिक सेवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और एनडीएमसी के उत्कृष्ट शहरी प्रबंधन मॉडल की सराहना की। साथ ही उन्होंने श्रीलंका की शहरी विकास रणनीतियों में ऐसी ही पहलों को अपनाने की संभावनाओं को भी तलाश किया।
इस संवाद के दौरान एनडीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें सचिव, वित्तीय सलाहकार, मुख्य अभियंता (सिविल एवं विद्युत), मुख्य वास्तुकार, स्वास्थ्य अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के निदेशक भी शामिल थे और उन्होंने क्षेत्र-विशेष की पहलों एवं नवाचारों पर अपने विचार साझा किए।
यह आदान-प्रदान स्वच्छ, हरित और सतत शहरों के वैश्विक एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए ज्ञान साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति एनडीएमसी की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है।

