एक स्त्री का शरीर, एक राष्ट्र का यद्धक्षेत्र ु
: एलटीजी रेपर्टरी के नाटक ‘वॉर
ब्राइड्स’ का ज़बरदस्त मंचन
एलटीजी रेपर्टरी (LTG Repertory) एक और दमदार नाटक के साथ मंच पर वापसी कर रहा है, जो है
‘वॉर ब्राइड्स’ (WAR BRIDES)। यह नाटक अमेरिकी सफ़राजिस्ट और नाटककार मरिै यन क्रेग
वेंटवर्थ (Marion Craig Wentworth) के एक उग्र-नारीवादी क्लासिक का हिदी ं ट्रांसलेशन सरजू और
पीहूद्वारा किया गया है। कहानी एक यद्धग्रस्त ु देश मेंस्थापित है, जहाँका राजा यह क्रूर आदेश
देता हैकि आबादी को बढ़ानेके लिए महिलाएँसनिै कों सेशादी करेंऔर बेटों को “अगली फसल के
सिपाही” बनानेके लिए जन्म दें। यह फरमान स्त्री के शरीर को राज्य के लिए एक ‘फैक्ट्री’ मेंबदलने
की मांग करता है। कहानी की केंद्र मेंहैहेडविग, एक गर्भवती र्भ विधवा, जो इस भयावह नियति को
माननेसेइनकार कर देती हैऔर महिलाओंको एकजटु करती है। वह इस सवाल के साथ साम्राज्य
को चनौती ु देती है: “यदि हम राष्ट्र के लिए परुषु पदा ै कर सकती हैं, तो हमेंयह तय करनेका
अधिकार क्यों नहींकि उन परुषों ु को शांति मिलेगी या यद्धु ?” प्रख्यात निर्देशक विपिन कुमार द्वारा
निर्देशित, और शिखा मल्होत्रा (एक्टर प्रिपेयर्स,र्स मंबईु सेप्रशिक्षित) के गतिशील सहायक निर्देशन में,
राहुल और हर्ष के मौलिक संगीत और गीतों के साथ, यह प्रोडक्शन एक अविस्मरणीय और
भावनात्मक अनभवु का वादा करता है। यद्धु के मदानै की यह कहानी, जो घर के मोर्चे पर लड़ी गई,
देखनेके लिए तयार ै हो जाइए गुरुवार, 20 नवंबर 2025 को शाम 06:30 बजे, एलटीजी
ऑडिटोरियम, मंडी हाउस, नई दिल्ली में। टिकट लाइव हैंऔर बकु माय शो पर उपलब्ध हैं।

