
छठ महापर्व को मिले राष्ट्रीय महापर्व का दर्जा
हमारी आस्था, हमारी संस्कृति और हमारी राष्ट्रीय पहचान
छठ महापर्व केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, लोक आस्था, प्रकृति के प्रति सम्मान, स्वच्छता, अनुशासन और सामाजिक समरसता का अद्भुत प्रतीक हैवहीं अब वैश्विक पहचान बन गया है यह कहना है पूर्वांचल से समाज सेवी शशि भारद्वाज का । उन्होंने कहा यह पर्व हमें सूर्य उपासना, जल संरक्षण, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और परिवार एवं समाज के प्रति समर्पण का संदेश देता है।
छठ महापर्व आज बिहार, झारखंड, पूर्वांचल सहित देश के कोने-कोने में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। देश की सांस्कृतिक विरासत में इसका विशेष स्थान है।
शशि भारद्वाज ने केंद्र सरकार एवं देश के सभी जनप्रतिनिधियों से विनम्र अपील है कि छठ महापर्व की व्यापकता, सांस्कृतिक महत्ता और करोड़ों लोगों की आस्था को देखते हुए इसे आधिकारिक रूप से ‘राष्ट्रीय महापर्व’ का दर्जा देने की दिशा में आवश्यक पहल की जाए।
यह किसी एक राज्य, समाज या क्षेत्र की मांग नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति और लोक परंपरा के सम्मान का विषय है।
आइए, हम सभी एकजुट होकर इस आवाज को बुलंद करें और छठ महापर्व को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के इस प्रयास में अपना योगदान दें।

