शिक्षक का कार्य पढ़ना ही नहीं छात्रों को सही दिशा देना भी होता है:नीमा जीना।

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नई दिल्ली:सोनिया विहार उच्चतम माध्यमिक बाल विद्यालय में 5सितम्बर शिक्षक दिवस बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने शिक्षकों की भूमिका निभाकर न केवल विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को संभाला, बल्कि अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान, आदर और कृतज्ञता भी व्यक्त की।
श्रीमति नीमा जीना पीजीटी हिन्दी के अनुसार शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्सव का वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों ने शिक्षकों की जिम्मेदारियों को समझते हुए विभिन्न कक्षाओं में अध्यापन कार्य किया और यह अनुभव किया कि एक शिक्षक का दायित्व केवल पाठ पढ़ाने तक सीमित नहीं होता, बल्कि विद्यार्थियों को सही दिशा देना, उनके व्यक्तित्व का निर्माण करना और उनके भविष्य को संवारना भी शिक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
शिक्षक दिवस के मौक़े पर विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों का सम्मानपूर्वक अभिवादन किया और उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके बताये रास्तो पर चलने राष्ट्र निर्माण मेँ सहभागिता का भी सकल्प लिए । विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और उत्साह ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर इस विशेष दिन को खुशियों, आनंद और आत्मीयता के साथ मनाया।
भारत के महान दार्शनिक, शिक्षाविद् और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन के जयंती 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस देश के सभी शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर होता है ।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दी गईं। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जहाँ शिक्षक और विद्यार्थी एक-दूसरे का सम्मान करते हैं, वहीं शिक्षा केवल किताबों तक सीमित न रहकर संस्कार, संवेदना और जीवन-मूल्यों का माध्यम बन जाती है।
शिक्षक वह दीप है, जो स्वयं जलकर
विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश भरता है।

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