
दिल्ली : युवाओं मेँ लगातार बदलाव आ रहा हाल ही मेँ हुए जंतर मंतर पर युवाओं के भव्य प्रदर्शन को जेन-जी ने मार्गदर्शन किया था.,दो युवा जिन्होंने आई आई टी, मैंनेजमेंट और देश विदेश मेँ पढ़ाई कर उन्होंने मिलकर एक पुस्तक का लेखन किया, जिसमे युवाओं के उन उनछुए पहलुओं को नजदीक से छुआ,कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया, रफ़ी मार्ग, नई दिल्ली में गुरुवार 27 अगस्त को Gen Z वर्कफोर्स मैनेजमेंट किताब का हुआ विमोचन हुआ। इस मौके पर मुख्यअतिथि रॉबिन हिबू, IPS, स्पेशल कमिश्नर ऑफ़ पुलिस, दिल्ली, आईपीएस डा. राजेश कुमार मोहन डीसीपी गुरुग्राम पुलिस, नितेश जैन, पार्टनर, ग्रांट थॉर्नटन भारत, और अपूर्व मिश्रा कंसल्टेंट, पीएम इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल समेत सैकड़ो गड़मान्य लोग मौजूद रहे। सभी अथितियों ने Gen Z वर्कफोर्स मैनेजमेंट किताब की सराहना करते हुए कहा कि भारत का Gen Z कैसा है यह किताब खुद बयां कर रही है। पहले के Gen Z और आज के Gen Z में फर्क तो आया है। आज का Gen Z किस तेज गति से आगे बढ़ते हुए भारत के सपनों को साकार कर रहा है, इस किताब से पता चलता है।

Gen Z वर्कफोर्स मैनेजमेंट किताब के लेखक देवांश जैन नवल, कल्चर सर्कल के फाउंडर और CEO हैं, जो हाइप और लग्ज़री फैशन के लिए भारत का सबसे बड़ा ऑथेंटिकेटेड मार्केटप्लेस है। दो साल से भी कम समय में इसकी सालाना ग्रॉस सेल्स कई सौ करोड़ तक पहुंच गई, 1 मिलियन से ज़्यादा रजिस्टर्ड यूज़र्स, 8,000 से ज़्यादा रजिस्टर्ड सेल्सर और 1 मिलियन से ज़्यादा ऑथेंटिकेटेड प्रोडक्ट्स लाइव हैं, और इसकी टीम में लगभग 95 परसेंट Gen Z हैं। NSIT दिल्ली से कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट, जिन्होंने अपने तीसरे साल तक AI, मशीन लर्निंग और ऑगमेंटेड रियलिटी रिसर्च को को-ऑथर किया था, उन्होंने गोल्डमैन सैक्स और माइक्रोसॉफ्ट से प्लेसमेंट ऑफर छोड़कर रिस्की रास्ता अपनाया और द हेल्दी कंपनी बनाई, यह एक ऐसा वेंचर था जो खुद 50 किलोग्राम से ज़्यादा वज़न कम करने से शुरू हुआ और 20 साल की उम्र में उन्हें भारत के सबसे कम उम्र के VC बैक्ड फाउंडर्स में से एक बना दिया। इसके बाद IIM अहमदाबाद से MBA किया। उन्होंने 26 साल की उम्र में शार्क टैंक इंडिया पर कल्चर सर्कल को पिच किया, रितेश अग्रवाल के साथ ऑन एयर डील पूरी की, इन्फोएज वेंचर्स और IIM अहमदाबाद वेंचर्स से पैसे जुटाए और उन्हें फोर्ब्स एशिया 30 अंडर 30 लिस्ट और 2025 में BW डिसरप्ट की 40 अंडर 40 में शामिल किया गया।

Gen Z वर्कफोर्स मैनेजमेंट किताब के बारे में लेखक देवांश जैन नवल बताते हैं कि चंद्र आदित्य राभा का साथ मिलने पर यह नज़रिया कल्चर सर्कल बनाने से आया है, जहाँ मैं 150 लोगों की एक टीम को मैनेज करता हूँ, जिनकी एवरेज उम्र 22 से 23 साल है, और जिनमें से 95 परसेंट 26 साल से कम उम्र के हैं। यह किताब इस बारे में है कि असल में इस पीढ़ी को क्या मोटिवेट करता है, उनकी प्रायोरिटीज़ हमारी प्रायोरिटीज़ से कहाँ अलग हैं, और यह उन्हें लीड करने वाले लोगों से क्या माँग करता है।

