
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज के एंथ्रोपोलॉजिकल फोरम द्वारा UnderStand UPSC के सहयोग से शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को कॉलेज के लाइब्रेरी ऑडिटोरियम में “द मेकिंग ऑफ ए चेंजमेकर: नॉलेज, पर्पज़ एंड पब्लिक सर्विस” विषय पर एक ज्ञानवर्धक एवं संवादपरक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनसेवा के महत्व से परिचित कराना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती मीनाक्षी लेखी उपस्थित रहीं। वे पूर्व सांसद होने के साथ-साथ विदेश मंत्रालय एवं संस्कृति मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे चुकी हैं। वे भारत के सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता भी हैं। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने सार्वजनिक जीवन, नेतृत्व, युवा सहभागिता और सामाजिक परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को विशेष महत्त्व प्रदान किया।

इस अवसर पर डॉ. सी. पी. कौशिक, जिन्हें मानव विज्ञान, मानव विज्ञान वैकल्पिक विषय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण के अध्यापन में दस वर्षों से अधिक का अनुभव है; सुश्री दिशा द्विवेदी, जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 672 प्राप्त की; तथा सुश्री आँचल शर्मा, जिन्होंने यूपीएससी भारतीय वन सेवा (IFoS) परीक्षा 2025 में AIR 5 प्राप्त की, की उपस्थिति रही।
सत्र में एक परिवर्तनकारी व्यक्तित्व के निर्माण में ज्ञान, निरंतर प्रयास, स्पष्ट उद्देश्य और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। चर्चा ने इस विचार को रेखांकित किया कि शिक्षा और आलोचनात्मक चिंतन केवल व्यक्तिगत सफलता के साधन नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से समाज की समस्याओं को समझने, सकारात्मक परिवर्तन लाने और राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के अवसर भी प्राप्त होते हैं।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को सिविल सेवाओं, सार्वजनिक नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार करने का अवसर प्रदान किया। अनुभवी शिक्षाविद् और सिविल सेवा परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों की उपस्थिति ने विद्यार्थियों को समर्पण, अनुशासन, निरंतर प्रयास और व्यापक सामाजिक उद्देश्य के प्रति प्रतिबद्धता के महत्व को समझने का अवसर दिया।
सत्र का समापन जिम्मेदार नेतृत्व, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा की भावना को प्रोत्साहित करने के संदेश के साथ हुआ। इस आयोजन के माध्यम से एंथ्रोपोलॉजिकल फोरम ने विद्यार्थियों में बौद्धिक जिज्ञासा, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया।
कार्यक्रम में कॉलेज के विद्यार्थियों एवं कॉलेज समुदाय के सदस्यों की सहभागिता रही, जिससे यह आयोजन संवाद, ज्ञान और प्रेरणा का एक सार्थक मंच बना।

