
दिल्ली में हुआ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समारोह का आयोजन
-समारोह में अखंड भारत के रक्षक और सनातन धर्म का सोलह संस्कार का विमोचन
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में एक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया गया, जिसमें दो महत्वपूर्ण पुस्तकों—डॉ. अशोक उपाध्याय एवं डॉ. शोभा उपाध्याय की अखंड भारत के रक्षक और तथा डॉ. शोभा उपाध्याय की सनातन धर्म का सोलह संस्कार का संयुक्त रूप से विमोचन किया गया। समारोह की अध्यक्षता पद्म भूषण राम बहादुर राय ने की।

समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय कैबिनेट गिरिराज सिंह मंत्री थे। मुख्य वक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, सांसद, राज्यसभा रहे। इस अवसर पर प्रो. बलदेव भाई शर्मा, कुलपति, कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय, श्याम जाजू तथा प्रभात कुमार, प्रबंध निदेशक, प्रभात प्रकाशन की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह का शुभारंभ वंदे मातरम् से हुआ, जिसके पश्चात पुस्तकों का परिचय प्रस्तुत किया गया और फिर दोनों पुस्तकों का औपचारिक विमोचन किया गया। अपने संयुक्त संबोधन में लेखकों ने इस बात पर बल दिया कि भारत की महानता केवल उसकी सैन्य शक्ति में ही नहीं, बल्कि उसके सांस्कृतिक मूल्यों और सभ्यतागत निरंतरता में भी निहित है। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने रेखांकित किया कि इन पुस्तकों का संदेश आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है ‘शस्त्र राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करते हैं, जबकि संस्कार उसकी आत्मा की रक्षा करते हैं। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ तथा सभागार ‘भारत माता की जय’ के गगनभेदी उद्घोष से गूंज उठा। उपस्थित दर्शकों एवं साहित्यप्रेमियों ने लेखकों द्वारा इतिहास और परंपरा को समकालीन संदर्भों से जोड़ते हुए प्रस्तुत की गई दृष्टि की सराहना की। पुस्तकों में युवा पीढ़ी को भारत की सभ्यतागत विरासत को समझने, उसका सम्मान करने और उसे आगे बढ़ाने की प्रेरणा देने का प्रयास किया गया है। इन पुस्तकों में यह भी विश्लेषण किया गया है कि राजनीतिक उथल-पुथल और अनेक ऐतिहासिक परिवर्तनों के बावजूद भारतीय सभ्यता 5,000 वर्षों से अधिक समय से कैसे और क्यों निरंतर बनी हुई है।

